मथुरा जंक्शन पर सुविधाओं का बुरा हाल: रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति के निरीक्षण में खुली पोल

मथुरा । उत्तर मध्य रेलवे के क्षेत्रीय, मंडल और स्थानीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से मथुरा रेलवे जंक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें यात्री सुविधाओं की बेहद दयनीय स्थिति उजागर हुई। क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के सदस्य संजय गोविल और मनीष शोरावाला ने निरीक्षण के बाद बताया कि पूरे जंक्शन पर प्लेटफॉर्म के शौचालयों पर कहीं भी रेट लिस्ट नहीं पाई गई, जिससे यात्रियों से मनमानी वसूली की आशंका बनी रहती है। खान-पान की वस्तुओं में भी भारी लूट देखने को मिली जहाँ निर्धारित मूल्यों को ताक पर रखकर चाय 5 की जगह 10 रुपये, समोसा 10 की जगह 15 रुपये और गर्मी के मौसम में सबसे आवश्यक पानी की बोतल 14 की जगह 20 रुपये में बेची जा रही थी। इसके अलावा गरीब यात्रियों के लिए उपलब्ध होने वाला ‘जनता खाना’ किसी भी स्टॉल पर मौजूद नहीं था। पूछने पर वेंडरों ने सिलेंडर की कमी का बहाना बनाया, जबकि अन्य महंगी खाद्य सामग्रियां उसी समय पकाकर बेची जा रही थीं। गुणवत्ता के मामले में भी स्थिति चिंताजनक मिली जहाँ मथुरा का विश्व प्रसिद्ध पेड़ा खराब क्वालिटी का पाया गया और समोसे में बासी आलू का प्रयोग हो रहा था, जिससे यात्रियों को फूड प्वाइजनिंग होने का गंभीर खतरा है।

​सुरक्षा के मोर्चे पर भी खामियां गिनाते हुए पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के सदस्य योगेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं दिखी, जिससे कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। स्टेशन परिसर में भिखारी और संदिग्ध लोग बेखौफ घूमते मिले जो यात्रियों के सामान की चोरी का सबब बन सकते हैं। स्टेशन के बाहर भी भारी अव्यवस्था व्याप्त है जिसके कारण यात्रियों को चिलचिलाती धूप में आवागमन के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन तमाम गंभीर समस्याओं को लेकर समिति के सदस्यों ने स्टेशन मास्टर ए.पी. श्रीवास्तव और सी.आर.एस. वी.के. सिंह से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मथुरा जन्मभूमि पर प्रस्तावित रेलवे पुल और अंडरपास के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार करने का ठोस आश्वासन दिया। इस अवसर पर अखिल अग्रवाल खांड वाले (मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति आगरा), मिलन भाटिया (रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति मथुरा जंक्शन) और दीपक खंडेलवाल भी मौजूद रहे और रेलवे प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।