मथुरा । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में गुरुवार को कोहरे के बीच जनपद की 5 विधानसभा सीटों पर 55 प्रत्याशियों का भाग्य का फैसला करने के लिए मतदाता मतदान करने के लिए घर से जोश खरोश के साथ निकल पड़े। शहरी इलाकों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में घने कोहरे के बीच मतदाताओं का जोश देखने को मिल रहा है। मथुरा शहर के जनरल गंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में सुबह 7:30 बजे वोट डालने पहुंची कु. सोनाली नवरत्न ने कहा कि महिला समाज को अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए वोट डालना बहुत जरूरी है। मजबूत राष्ट्र मजबूत प्रदेश मजबूत मथुरा हमारी आवश्यकता है। प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ पवन अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी रेनू अग्रवाल ने भी कहा कि वोट डालना हम सबको अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

मथुरा की सभी सीटों पर 55 प्रत्याशियों के बीच रोचक मुकाबला है। मथुरा वृंदावन विधानसभा से श्रीकांत शर्मा, छाता विधान सभा से चौधरी लक्ष्मी नारायण, बलदेव से पूरन प्रकाश, मांट से कई बार के विधायक पंडित श्याम सुंदर शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। प्रदेश की योगी सरकार कान्हा की नगरी में सभी विधानसभा सीटों पर कमल खिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। जनपद में प्रातः से ही गलन भरी सर्दी के बीच 7 बजे से ही शांतिपूर्ण मतदान प्रारंभ हो चुका है। काफी स्थानों पर मतदाताओं ने कमरों में अंधेरा होने के कारण ईवीएम मशीन के खाने ना दिखाई देने की शिकायत की है।

ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का भारी उल्लास देखने को मिल रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का अमला सभी मतदान केंद्रों पर पैनी नजर रखा हुआ है । सुपर जोनल जोनल सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्र में भ्रमण करते देखे गए और पल-पल की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दे रहे हैं । जिला अधिकारी नवनीत सिंह चहल एसएसपी गौरव ग्रोवर संवेदनशील अतिसंवेदनशील सहित अन्य बूथों का भ्रमण कर शांतिपूर्ण मतदान कराने की अपील कर रहे हैं । चुनाव आयोग द्वारा तैनात प्रेक्षक द्वारा अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर भ्रमण कर चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज रहे हैं। स्वच्छ लोकतंत्र के लिए बृजवासी सुबह से ही मतदान करने के लिए घर से निकल रहे है। खासकर नए युवाओं और युवतियों में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, जबकि महिलाओं को मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर सबसे ज्यादा जोर है। कोशिश की जा रही है कि मतदान का प्रतिशत बढ़ाया जा सके। इसके लिए स्वीप कमेटी द्वारा पिछले एक माह से लोगों को मतदान के प्रति जागरुक किया जा रहा है हालांकि पिछले चुनावों पर नजर डालें तो शहरी क्षेत्रों में 45 से 60 फीसदी तथा ग्रामीण अंचलों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान होता रहा है। इसमें भी महिलाओं का प्रतिशत काफी कम रहा है। ऐसे में इस बार प्रत्याशियों के समर्थक घर-घर जाकर लोगों को जहां अपने पक्ष में वोट डालने के लिए राजी कर रहे हैं। समाज से प्रबुद्ध व वरिष्ठ लोग भी लोगों को मतदान के प्रति जागरुक कर रहे हैं। लोगों को उनके वोट की कीमत और अहमियत समझायी जा रही है ताकि मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके। मतदान बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया और फेसबुक, ट्विटर पर भी प्रजातंत्र के सबसे बड़े पर्व में अपना मतदान करके सहभागिता करने की अपील की जा रही है। ऐसी अपील करने वालों का मकसद किसी के पक्ष में मतदान करना नहीं बल्कि मतदान के प्रतिशत को बढ़ाने का है।