मथुरा । जनपद के वरिष्ठ कोषाधिकारी मुन्ना लाल शुक्ल ने अवगत कराया है कि ऐसे प्रकरण कोषागारों के संज्ञान में आते रहे है, जिनमें पेंशनर / पारिवारिक पेंशनर की मृत्यु हो जाने के उपरान्त उनके परिजनों द्वारा इसकी सूचना संबंधित कोषागार को नही दी जाती है, जिसके फलस्वरूप कोषागार द्वारा पेंशन / पारिवारिक पेंशन का भुगतान जारी रखा जाता है। बाद में जानकारी मिलने पर अधिक भुगतान की वसूली की कार्यवाही करनी पड़ती है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी श्री शुक्ल कहना है कि पेंशनर के संबंधित यथा स्थिति पेंशन / पारिवारिक पेंशनर की मृत्यु हो जाने पर इसकी सूचना संबंधित कोषागार को तत्काल दें । यह पेंशनर / पारिवारिक पेंशनर के परिजनों का नैतिक एवं विविध कर्तव्य है । यह भी ध्यान रहे कि ऐसे किसी भी प्रकरण में अनियमित भुगतान की धनराशि अनाधिकृत है जिसकी वसूली बैंक के माध्यम से अथवा भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूल किये जाने की कार्यवाही की जायेगी।
उक्त के अतिरिक्त जो पेंशनर आयकर अधिनियम के अन्तर्गत आयकर की निर्धारित सीमा के अधिक पेंशन प्राप्त करते है वह अपना आयकर स्वंय जमा करके कोषागार को सूचित करे अन्यथा उनकी पेंशन पर नियमानुसार जो आयकर बनता है माह दिसम्बर 2023 की पेंशन से काट लिया जायेगा ।
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