मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद अब जनसहभागिता के माध्यम से ब्रज क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति देने जा रहा है। इसी क्रम में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की उपस्थिति में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में विभिन्न संस्थाओं एवं उनके प्रतिनिधियों के साथ CSR फंड के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, कुंडों के जीर्णोद्धार, तीर्थ स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त जग प्रवेश, डीएफओ वी.सी. पटेल सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सूचीबद्ध कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए।
मुख्य अतिथि शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि ब्रज भगवान श्रीकृष्ण की जन्म एवं लीला स्थली है और इसके विकास में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संस्थाओं से सेवा भाव के साथ विकास कार्यों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बैठक का संचालन पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा ने किया। इस दौरान डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, चीफ इंजीनियर आर.पी. राणा, अनीता उकरानी, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राकेश कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न संस्थाओं ने ब्रज विकास को लेकर अहम सुझाव दिए। हार्टफुलनेस फाउंडेशन ने 6 कुंडों के पुनरुद्धार व जल संरक्षण, प्रांजिवन भगवानदास पोपट ट्रस्ट ने गोवर्धन व विश्राम घाट पर पेयजल सुविधाएं, जबकि इन्फिनिटी ग्रुप ने छटीकरा-जमुनावता मार्ग पर 6 बसें देने का प्रस्ताव रखा।
एम3एम फाउंडेशन ने सोलर लाइट व सीसीटीवी लगाने, एमएलसी प्रतिनिधियों ने इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराने, लिविंग पीस प्रोजेक्ट फाउंडेशन व रिलायंस फाउंडेशन ने कुंडों के जीर्णोद्धार व परिक्रमा मार्ग संरक्षण में सहयोग की पेशकश की। अन्य संस्थाओं ने भी जल संरक्षण, घाटों के सौंदर्यीकरण, स्मार्ट क्लास व जनसुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए।