मथुरा। यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने को सुप्रीम कोर्ट ने विश्वधर्म रक्षक दल की जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए यूपी सरकार सहित जिलाधिकारी आदि नोटिस जारी कर दिया है।
दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी के अनुसार वह विगत कई बर्षो से यमुना सफाई का मुद्दा उठाते रहे हैं। इस संदर्भ में दल ने स्थानीय निकायों कार्य पालिका विधायका से लेकर जिलाधिकारी सांसद सहित जल निगम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जल शक्ति मंत्रालय से लेकर मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को अनेक पत्र लिखे सभी के जबाब दल के पास सुरक्षित हैं।
विजय चतुर्वेदी का कहना है कि यमुना सफाई के नाम से 1988 से लेकर आज तक लाखो करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके है वर्तमान में 500 करोड़ रुपये नमामी गंगे के तहत भी खर्च किये जा चुके हैं। स्थानीय विधायक और सांसद 2019 से लेकर 31 अक्टूबर 2021 तक यमुना सफाई का भरोसा दिलाते हुए जनता को गुमराह कर रहे है यमुना जस की तस मैली बनी हुई है। उल्टे स्थानीय सरकार यमुना मिशन संस्था को आगे करके कृष्ण कालीन पुरातत्तव के घाटो सीढियो और बुर्जियी को शहर के मलवो से दबाकर पुराने घाटो से यमुना को 1 किमी दूर कर रही है और यमुना के गर्भ में पौधरोपड़ की आड़ में खादर एवं गोचर की भूमियो पर अवैध कब्जे के पक्के निर्माण करवा रही हैं।