पांच हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मथुरा पहुंचे किसान समर्थक इंजीनियर का स्वागत

मथुरा। कनार्टक के एक इंजीनियर व समाजसेवी ने किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए पैदल ही दिल्ली पहुंचने का फैसला कर चल दिये और
मथुरा पहुंचे जहां उन्होंने अपनी बात और अपना उद्देश्य बताया और केंद्र सरकार को जगाने का भी प्रयास किया है। किसानों के आंदोलन को लगभग एक साल होने जा रहा है मगर सरकार अभी भी मूक बनी हुई है किसानों की सुनने को तैयार नही है सोई हुई सरकार को जगाने के लिए कर्नाटक से नागराज जो कि पेशे से इंजिनियर है उन्होंने अपने मन मे ठान ली कि पैदल चलकर आंदोलन कर रहे दिल्ली में किसानों के साथ शामिल होना है बस इसी अपने प्रण को लेकर कर्नाटक से दिल्ली के लिये पैदल ही निकल गए लगभग 180 दिन और लगभग 5000 किलोमीटर की यात्रा करते हुए मथुरा पहुंचे है।

बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार की जो हठ धर्मिता के चलते किसानों को लगभग 1 साल होने जा रहा है मगर सरकार पर कोई असर नही हो रहा है बस उनका साथ देने के लिए में दिल्ली 26 नवंबर को पहुंचना है क्योंकि आंदोलन की ये वर्षगांठ है उसमें शामिल होना है जबकि कर्नाटक से चलकर लगभग कई राज्य और 31 जिले में कैंपेन करते हुए मथुरा तक पहुंचे हैं और यात्रा के दौरान बहुत सारी चीज है रास्ते में देखने को मिली में केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि नए कानून में संशोधन करें 1 साल बीत चुका है। मथुरा पहुंचने पर नागराज का कुछ जागरूक लोगों ने स्वागत किया। इस अवसर पर समाजसेवी ताराचंद्र गोस्वामी ने कहा कि किसानों के दर्द को सरकार सुन ही नहीं रही है क्योंकि यह सरकार गूंगी बहरी है। इस दौरान जिला अध्यक्ष रालोद बाबूलाल हरवीर सिंह लोकेश रही हरेंद्र चौधरी सुरेश भगत रविन्द्र नरवार वीरेंद्र सिंहआदि मौजूद रहे ।