लखनऊ। भारत सरकार के गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) सर्वे में प्रदेश के पांच शहर का चयन हुआ है। जिसमें लखनऊ से अच्छे अंक अलीगढ नगर निगम को मिले है। बुधवार को इस सर्वे के परिणाम घोषित हुए थे। वर्तमान में गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रेमरंजन को अलीगढ नगर निगम के नगर आयुक्त पद पर रहने के दौरान शहर में उत्तम साफ़ सफाई मिलने पर सम्मानित किया जायेगा।
कहावत है कि यदि भारत में आईएएस अधिकारी कुछ कर दिखाने की ठान लें तो संभव नही है कि वो कार्य न हो। यही कहावत पूरी तरह गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रेमरंजन पर सटीक बैठती है, जहां इस समय वह प्राधिकरण के माध्यम से गोरखपुर के सौन्द्रीयकरण के साथ-साथ जनहित के कार्यों को कुशलता के साथ सम्पादित करने में लगे हुए है। एक समय था जब आम नागरिक और उद्यमी अपने अपने भवनों के मानचित्र सालो में यहाँ तक कि 20 साल में भी प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं करा पाते थे आज वो समस्या प्रेमरंजन सिंह की कार्य कुशलता के चलते जड़ से ही समाप्त हो गई। कहा जा सकता है एक तरह से निर्जीव से पड़े गोरखपुर विकास प्राधिकरण को उन्होंने संजीवनी प्रदान कर दी। इसी प्रकार मंडल के आर एफ सी का चार्ज मिलने के बाद आज देवरिया महाराज गंज कुशीनगर सहित गोरखपुर जिले के किसान उनकी धान खरीद सहित अन्य व्यवस्थाओ से काफी प्रसन्न है।
अलीगढ में नगर निगम के नगर आयुक्त के कार्यकाल के दौरान उन्होंने नये नये आयाम स्थापित किए थे। उसी समय भारत सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण योजना अंतर्गत (जीएफसी) सर्वे कराया था जिसके परिणाम बीेते दिन घोषित हुए उसमें प्रदेश के पांच जिले क्रमशः नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ, लखनऊ, झांसी सर्वोत्तम चयनित हुए है। इसका पुरूस्कार 20 नव. को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में आईएएस प्रेमरंजन को दिया जायेगा। भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह अवार्ड उनके लिए तीसरा होगा। दो अवार्ड उनको मुख्य विकास अधिकारी पद पर रहने के दौरान मिल चुके है। गार्बेज फ्री सिटी सर्वे में देखा गया था कि सम्बन्धित शहर में साफ-सफाई की क्या स्थिति है, उस समय अलीगढ में बेहतरीन साफ-सफाई रही है।