मथुरा । जनपद में गैस, पेट्रोल-डीजल व सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध बनी हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और आमजन अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अनावश्यक भीड़ से बचें।
जनपद में इंडेन गैस की 44, भारत गैस की 11 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 6, कुल 61 गैस एजेंसियां संचालित हैं। एलपीजी उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन बुकिंग के पश्चात संबंधित एजेंसियों द्वारा 3 से 4 दिन में होम डिलीवरी की जा रही है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे आईवीआरएस, मिस्ड कॉल, व्हाट्सएप, बीबीपीएस (पेटीएम, गूगल पे) एवं कंपनियों के एप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग का लाभ उठाएं और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। नगरीय क्षेत्रों में डीवीसी/सिंगल कनेक्शन धारक 25 दिन बाद तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद सिलेंडर बुक करा सकते हैं। घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है, हालांकि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल नहीं की जा रही है।
जनपद में आईओसीएल के 103, बीपीसीएल के 50, एचपीसीएल के 38, रिलायंस जियो बीपी के 4 तथा नायरा के 10, कुल 205 पेट्रोल पंप/रिटेल आउटलेट संचालित हैं, जहां डीजल, पेट्रोल व सीएनजी की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।
टोरेंट पावर लिमिटेड द्वारा नगरीय क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू पीएनजी गैस की आपूर्ति की जा रही है। जनपद में 24,737 पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं, जिन पर 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए भी प्रेरित किया गया है।
शासन के निर्देशानुसार आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन टीमें प्रतिदिन गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी पंपों की जांच कर रही हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
लौहवन में अवैध गैस गोदाम नहीं, वितरण केंद्र से हो रही आपूर्ति: डीएसओ
जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है कि लौहवन क्षेत्र में गैस वितरण को लेकर की गई जांच में स्पष्ट हुआ है कि वहां कोई अवैध गोदाम संचालित नहीं हो रहा है। जांच के दौरान बीपीसीएल की लक्षय भारत गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को नियमों के अनुरूप पाया गया।
डीएसओ ने बताया कि उक्त एजेंसी का कार्यालय एवं गोदाम सुरीर में स्थित है, जहां पहुंचकर दोनों स्थानों का निरीक्षण किया गया। लौहवन में एजेंसी द्वारा केवल बीपीसीएल का एक वितरण केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां से उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में एजेंसी के 1000 से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं, जिन्हें पूर्व से ही बुकिंग एवं डीएसी कोड के आधार पर पिकअप के माध्यम से सिलेंडर लाकर वितरित किया जा रहा है। मौके पर किसी प्रकार का गोदाम नहीं पाया गया।
इस संबंध में डीएसओ ने बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर से भी वार्ता की, जिन्होंने बताया कि उक्त वितरण उनकी जानकारी में और नियमानुसार ही किया जा रहा है।