वृंदावन। यूपी स्टेट जीएसटी द्वारा वर्ष 2017-18 व वर्ष 2018-19 के लिए 1200 पंजीकृत व्यापारियों का ऑडिट कराने के लिए सूची जारी की गई है जिसका समाजवादी व्यापार सभा ने विरोध शुरू कर दिया है। साथ ही मास्क चेकिंग के नाम पर व्यापारियों से बदसलूकी का भी विरोध हुआ। बैठक में ऑडिट व चेकिंग के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न अपमान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हुआ।
बैठक में महानगर अध्यक्ष अंकित वार्ष्णेय ने कहा की योगी सरकार की ऑडिट सूची नियम विरुद्ध तर्कहीन निर्णय है । इससे व्यापारियों का उत्पीड़न होगा और जमकर भ्रष्टाचार का गंदा खेल खेला जाएगा। मास्क चेकिंग के नाम पर पुलिस व्यापारियों से क्रूरतम व्यवहार कर रही है जो असहनीय है। प्रदेश में सरकार ऑडिट के नाम पर उत्पीड़न करवाने की तैयारी कर चुकी है। आज जीएसटी ऑडिट के नाम पर प्रदेश के 1200 प्रतिष्ठानों की सूची जारी की गई है जिससे कि केवल व्यापारियों का उत्पीड़न ही होना है और हैरत की बात है कि सब कुछ डीम्ड और ऑनलाइन के बावजूद अब ऑडिट होगा। पाई पाई के हिसाब के जांच के नाम पर उत्पीड़न की हर सीमा लांघी जाएगी। वैसे भी भाजपा की व्यापारी विरोधी नीतियों की वजह से प्रदेश का करोड़ों व्यापारी त्राहि त्राहि कर रहा हैऔर अब एक नया उत्पीड़न का जरिया ढूंढा गया है। इस तुगलकी फरमान का पूरा व्यापारी समाज विरोध करता है। योगी सरकार के इशारे पर व्यापारियों के इस उत्पीड़न को कतई नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। साथ ही आजमगढ़ में मास्क चेकिंग के नाम पर व्यापारी के साथ हुए दुर्व्यवहार की पूरे देश ने निंदा की है। ऐसी घटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए मांग की गई की जीएसटी ऑडिट व मास्क चेकिंग के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बन्द किया जाए और प्रदेश में व्यापरियों को सम्मान से जीने का अवसर दिया जाए।
बैठक में अशोक कुमार विनय ठाकुर शाहिद खान अकुर गुप्ता गोरव राठी आकाश मित्तल राहुल शर्मा बबलू कुशवाह कुलदीप चौधरी राहुल खान मनोज शर्मा मौजूद रहे।
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