इंदौर के पैटर्न पर होगी मथुरा-वृंदावन में सफाई व्यवस्था

– जीपीएस सिस्टम से सफाई वाहनों पर रखी जाएगी नजर
– 150 वाहन मथुरा-वृंदावन की सफाई व्यवस्था में लगाए

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा-वृंदावन की सफाई व्यवस्था अब इंदौर के पैटर्न पर रहेगी। साथ ही गाजियाबाद के पैटर्न पर कूडा वाहनों का संचालन किया जाएगा। सफाई की यह व्यवस्था स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में धर्म नगरी मथुरा को टॉप टेन में शामिल कराने के लिए तैयार की गई है।
मथुरा वृंदावन में दर्शन के लिए प्रति वर्ष करीब आठ करोड लोग आ रहे हैं। ऐसे में यहां की स्वच्छता शहर की छवि के लिए महत्वपूर्ण बन गई है। देश विदेश से धर्म नगरी आने वाले लोगों के मन में इस धार्मिक शहर की छवि बेहतर बने इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने इंदौर और गाजियाबाद का अनुसरण किया है। नगर निगम ने इंदौर के पैटर्न पर घर-घर कूडा उठाने की व्यवस्था का विस्तार किया है। अभी तक 30-40 प्रतिशत घरों तक ही नगर निगम की गाडी कूडा उठाने जा रही थी लेकिन अब संपूर्ण महानगर को नई सफाई व्यवस्था के दायरे में लिया गया है। इसके लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है जो करीब पौने दो लाख घर और प्रतिष्ठिान तक से कूडा उठाने की व्यवस्था करेगी। अभी तक नगर निगम के पास 90 कूडा वाहन थे लेकिन कुछ समय पहले ही कम्पनी द्वारा इस सिस्टम के लिए 60 वाहनों की और वृद्धि की गई है। जल्द ही इस संख्या में 100 वाहनों की और संख्या बढाई जाएगी। कूडा उठाने के लिए ये जो वाहन लगाए गए हैं, उनमें जीपीएस सिस्टम लगाया गया है जिससे इनकी लोकेशन कंट्रोल रूम में पता चल सकेगी । गाड़ियों के रख रखाव डीजल आदि की सभी जिम्मेदारी कम्पनी की रहेगी। इसमें ख़ास बात ये है कम्पनी जितना अधिक कूड़ा कलैक्शन करेगी उसको उतना ही निगम द्वारा भुगतान किया जायेगा।
नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने बताया कि प्रयास किए जा रहे हैं कि स्वच्छता के मामले में मथुरा देश के टॉप टेन शहरों में शामिल हो इसी के मददेनजर इंदौर और गाजियाबाद में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं को यहां प्रभावी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वृंदावन परिक्रमा मार्ग की बेहतर सफाई के लिए 64 कर्मचारी और बढाए गए हैं। इससे अब यहां सफाई कर्मचारियों की संख्या 140 हो गई है जो निरंतर सफाई कार्य को अंजाम देते हैं।

नगर निगम ने वसूली 20 लाख रुपये यूजर चार्ज
मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में यूजर चार्ज के रूप में 20 लाख रुपये की वसूली की है। अब तक सफाई कार्य के लिए यूजर चार्ज कुछ हजार रुपये तक ही सीमित था लेकिन नगर निगम की योजना अब आगामी वित्तीय वर्ष में यूजर चार्ज को एक करोड तक पहुंचाने की है।