मथुरा, (राजपथ मथुरा ब्यूरो)। मथुरा की एक अदालत ने किशोरी के साथ बलात्संग करने के आरोपी को 25 साल का कारावास का आदेश दिया है साथ ही उसको 2 लाख 30 हजार जुर्माना अदा करने का भी आदेश दिया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 17 नवम्बर 2017 को छाता कोतवाली के दौताना गांव निवासी पीडि़ता के पिता शाम 4 बजे अपनी पत्नी के साथ खेत में जब बथुआ तोडऩे गए थे उसी दौरान पड़ेासी परशुराम पुत्र यादराम उसके घर का दरवाजा खुला देखकर घुस आया तथा उसकी बेटी से छेडख़ानी करने लगा । उसकी बेटी द्वारा शोर करने पर पड़ोसी श्रीपाल दौड़कर आया तथा उसकी बेटी को परशुराम से छुड़ाया । परशुराम जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग गया । उस समय मुकदमा धारा 354, 504, 506 आईपीसी एवं 7/8 पोक्सो ऐक्ट में पंजीकृत किया गया था । विवेचना के आधार पर बाद में वाद को धारा 376, 452, 504,506 आईपीसी तथा 3/4 पोक्सो ऐक्ट में तरमीम किया गया । अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 8 साक्ष्य प्रस्तुत किये गए। सजा की अवधि पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अभियुक्त परशुराम को गरीब बताते हुए कम सजा देने का अनुरोध किया जब कि एडीजीसी सुभाष चन्द्र चतुर्वेदी ने कहा कि अभियुक्त पर पूर्व में इसी प्रकार के अभियोग में दस साल की सजा और 30 हजार का जुर्माना अदालत सख्या 8 से हो चुका है जिसमें अभियुक्त ने पीडि़ता से नाजायज संबंध बनाने में असफल होने पर पीडि़ता की गला दबाकर हत्या कर दी थी इसलिए उसकेा अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाषचन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि विद्वान अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पोक्सो ऐक्ट अमर सिंह ने अभियुक्त परशुराम को धारा 4 पोक्सो ऐक्ट के अन्तर्गत 25 साल का कठोर कारावास व एक लाख का जुर्माना, धारा 376 आईपीसी में 25 साल की कठोर सजा एवं एक लाख जुर्माना, धारा 452 आईपीसी के अन्तर्गत सात साल की सजा व 10 हजार जुर्माना, धारा 504आईपीसी के अन्तर्गत दो साल की सजा एवं 10 हजार जुर्माना, तथा धारा 506 आईपीसी में सात साल की सजा और 10 हजार जुर्माना अदा करने का आदेश दिया । आदेश में यह भी कहा गया है कि अभियुक्त परशुराम जिन धाराओं का जुर्माना अदा नही करेग उसे उस धारा की दी गई सजा की चौथाई सजा और भुगतनी होगी तथा सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।
एडीजीसी के अनुसार विद्वान न्यायाधीश ने यह भी आदेश दिया है कि यदि अभियुक्त जुर्माना अदा नही करता है तो जुर्माने की 2 लाख 30 हजार धनराशि बतौर मुआबजा राज्य सरकार पीडि़ता को देगी।