लापरवाही: 21 साल से नगर निगम में नहीं हुआ आडिट आपत्ति का निस्तारण

मथुरा । लापरवाही का आलम ये है कि नगर निगम में बीते 21 वर्षों से आडिट आपत्तियो का निस्तारण नहीं हुआ। इसकी जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त का माथा ठनक गया। उन्होंने अधिकारी और कर्मचारियों को 1 माह के अंदर सभी प्रकार की ऑडिट आपत्ति निस्तारित ना होने पर चार्ज सीट की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को नगर आयुक्त अनुनय झा के सामने आडिट आपत्ति निस्तारण का प्रकरण आया। पता चला कि सन 2000 से आडिट आपत्ति लंबित पड़ी है। अब तक कई चेयरमैन ओर तीन नगर आयुक्त बदल चुके हैं। परंतु इनके निस्तारण पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

इस बैठक में अपर नगर आयुक्त सत्येन्द्र कुमार तिवारी महाप्रबन्धक जल विजय नारायण, मुख्य अभियंता जितेन्द्र केन, लेखाधिकारी डा गीताकुमारी सहायक अभियंता जल राधेश्याम एवं सहायक अभियंता वि/यां अनिल रंजन मौजूद रहे।

नगर आयुक्त ने समस्त विभागाध्यक्षों को अनिस्तारित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण हेतु निर्देशित करते हुए कहा हैं कि वर्ष 2000 से लम्बित ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण माह अक्टूबर में पूर्ण नहीं किया गया तो ऑडिट आपत्तियों की विवेचना कर दोषी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही चार्जशीट जारी की जायेगी।