फरह क्षेत्र में काफी समय से सक्रिय है अवैध वसूली गैंग, पत्रकारिता की आड में हर महिने होते हैं लाखों के वारे न्यारे

अनुज सिंघल
फरह। गुरूवार को अवैध वसूली में तीन पुलिसकर्मी समेत चार तथाकथित पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद इस कार्य में सक्रिय लोग भूमिगत हो गये हैं। इस घटना का डर इतना तेजी से फैला है कि कल तक गाडियों में रौब से घूमने वाले लोग क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
ऐसे लोगों ने अपना धंधा चलाने के लिये किसी प्रिंट या इलैक्ट्रानिक मीडिया फर्जी का सहारा ले रखा है। क्षेत्र में कुछ नाम तो बडे बडे मीडिया समूहों से जुडे नजर आते हैं जो इसकी आड में वर्षों से अपना धंधा चला रहे हैं। यही लोग पुलिस से सांठ गांठ करके अवैध वसूली को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की संलिप्तिता के कारण ही ऐसे लोग बेखौफ किसी को भी डराते धमकाते हैं और लाखों रुपये हडप लेते हैं।

सूत्रों की मानें तो फरह क्षेत्र में ही लॉकडाउन के समय में भी ऐसे तथाकथित पत्रकारों ने क्षेत्र से काफी रुपया कमाया है। राशन डीलर, कबाडिया, अवैध खनन, टैम्पो चालक, मीट कारोबारी, सट्टा, जुआ, नशीले पदार्थोें आदि के कारोबार करने वालों से इनकी महीनेदारी फिक्स होती है और अगर पुलिस इन पर कार्यवाही भी करती है तो ऐसे तथाकथित पत्रकार ही पुलिस से सांठगांठ करके इनको बचाते हैं। विभिन्न पुलिस केस में विवेचनाओं में नाम निकालने के लिये भी यही तथाकथित पत्रकार लाखों की डील कराते हैं। कुछ माह पूर्व ही कस्बे के राशन डीलर से कुछ लोगों ने पत्रकारों के नाम पर पेसे हडप लिये थे। यही क्रम आये दिन चलता रहता है।

ऐसे लोगों के कारण ही निष्पक्ष एवं निर्भीकता से कार्य करने वाले पत्रकारों की छवि भी धूमिल हो रही है। अब कल की घटना के बाद इस काम पर कुछ दिन तो शायद रोक लगे मगर लम्बे समय तक इस पर तभी अंकुश लगाया जा सकता है जब पुलिस निर्भीकता और सच्चाई के साथ अपना कार्य करें और ऐसे तथाकथित पत्रकारों से दूरी बनाये रखे।