श्रीकृष्ण जन्मभूमि से अधिकतम पौने दो किलो मीटर के घेरे तक रहेगी शराब, भांग, वीयर मीट की बिक्री प्रतिबंधित

22 वार्डों से हटेंगी करीब चार दर्जन दुकानें

तीर्थ स्थल घोषित करने के उपरांत मीट तथा नॉनवेज होटल एवं रेस्टोरेंट के लाइसेंस निरस्त

मथुरा। नगर निगम मथुरा-वृन्दावन के 22 वार्डों को तीर्थ स्थल घोषित किए जाने के मापदंड को लेकर नागरिकों में कोतूहल बना हुआ है, काफी संख्या में लोग समझ नही पा रहे कि श्रीकृष्ण जन्म स्थान से 10 किमी क्षेत्र से तो अधिकांश समूचा शहर प्रभावित होना चाहिए। इस सम्बन्ध में नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म स्थान को आधार केन्द्र बनाते हुए वर्गाकार माप के अनुरूप 22 वार्ड इसकी परिधि में आते है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गणित के अनुसार जन्म भूमि से अधिकतम पौने दो किलोमीटर का एरिया प्रतिबंधित घोषित किया गया है। जिसके चलते सभी बडे होटल इस जद में नही आयेंगे जबकि डीगगेट के आसपास के सभी मांसाहारी होटलो में मीट-मांस की बिक्री अब इस आदेश के पश्चात कदापि नही हो पायेगी।

जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार करीब 45 अंग्रेजी, देशी शराब, वीयर,भांग की दुकानों को प्रतिबंधित स्थानों से हटाकर अनयंत्र शिफ्ट करने की व्यवस्था की जायेगी। इसको लेकर आज एडीएम कार्यालय में सहायक नगर आयुक्त के साथ विचार-विमर्श हुआ है। नगर निगम में भी सीमा चिन्हाकंन की कार्यवाही को फायनल रूप प्रदान किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा श्री कृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र एवं उसके आसपास के 22 वार्ड को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित करने के पश्चात शनिवार को जिलाधिकारी के आदेश पर 22 वार्डों में संचालित मीट शॉप एवं नॉन वेज रेस्टोरेंट होटल के खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत किए गए पंजीकरण एवं लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम बनाकर उक्त क्षेत्रों में संचालित प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया । जिला खाद्य एवं अभिहित अधिकारी डा गौरी शंकर ने सभी व्यवसायियों को सूचित किया है कि उक्त क्षेत्र में कोई भी मीट एवं मीट प्रोडक्ट का विक्रय नहीं होगा यदि कोई कारोबारी डेरी, किराना, स्वीट सेंटर, कन्फेक्शनरी आदि का व्यापार करना चाहते हैं तो उन्हें शीघ्र लाइसेंस एवं पंजीकरण निर्गत किए जाएंगे।