वृन्दावन में निगम की फर्जी एन ओ सी दिखाकर किया करोड़ो रु की जमीन का सौदा, सवा करोड़ रु डकारे

मथुरा। वृन्दावन में गौशाला की जमीन व आवास बेचने के नाम पर धोखधड़ी कर करोड़ो रुपए हड़पने के आरोप में 3 नामजदों के खिलाफ एसएसपी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। मामले की जांच में पुलिस जुट गई है।
मूल रूप से दिल्ली रहने वाले व हाल निवासी प्रेम मंदिर के सामने राधा निज अपार्टमेंट में अरविंद दुआ ने एसएसपी को अपने साथ हुई धोखाधडी से अवगत कराया है जिस पर थाना वृंदावन कोतवाली में मामला दर्ज हुआ है। पीड़ित के मुताबिक वह अपनी पत्नी के साथ वृन्दावन में ईश्वर आराधना करते हैं तथा यहां एक गौशाला स्थापित कर गौ सेवा करना चाहते थे।
पीड़ित का आरोप है कि जब इसकी जानकारी उनके पड़ोसी मूलरूप से पटेल नगर दिल्ली निवासी व हाल नि. केशव धाम रोड अजय कुमार गुप्ता उनकी पत्नी उमेश कुमारी तथा पुत्र अमरदीप को हुई तो उक्त लोगों ने धीरे धीरे उनसे सम्बंध बढ़ा लिए और एक दिन उनसे कहा कि उन्हें व्यापार में घाटा हो गया है इसलिए वह केशव धाम मार्ग स्थित अपनी जमीन आवास तथा गौशाला को बेचना चाहते हैं।
जिसके बाद अक्टूबर 2020 में उक्त सम्पत्ति का सौदा 18 करोड़ में हुआ। जिस पर उसी दिन पीड़ित ने अपनी कंपनी मेसर्स, जैमिनि स्वीइंग मशीन्स के खाते से 60-60 लाख के चेक एडवांस में दे दिए जिनका आरोपियों ने भुगतान करा लिया।
साथ ही उन्हें नगर निगम से गौशाला संचालन के लिए एक अनुमति प्रमाण पत्र भी दे दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करने को कहा तो उक्त लोगों ने जमीन व आवास पर लॉन लेने की बात कहते हुए कर्जा चुकाने के बाद 30 अप्रैल 2021 तक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट या बेनाम कराने का आश्वासन दिया लेकिन बार बार बैनामा कराने की बात कहने के बाद भी न रजिस्ट्री कराई न ही एग्रीमेंट कराया।
जब पीड़ित ने अपने पैसे ब्याज सहित मांगे तो उक्त लोगों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
इस बीच जब पता चला कि आरोपियों द्वारा नगर निगम की तरफ से दिया गया गौशाला संचालन की अनुमति का प्रमाण पत्र भी फर्जी है।
इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों को नोटिस भेजकर पैसे वापस मांगे। लेकिन फिर भी पैसा वापस नहीं लौटाया। मामले में पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई जिसके बाद पुलिस ने नामजद पति-पत्नी व पुत्र के खिलाफ धोखाधडी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में पुलिस जांचनिगम कर रही है।