नई दिल्ली । भारतीय जीवन बीमा निगम का आईपीओ मई के पहले हफ्ते में लॉन्च होने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार एलआईसी का आईपीओ 4 मई को खुलेगा और 9 मई को बंद होगा। एलआईसी के आईपीओ का निवेशकों को लंबे समय से इंतजार है और अब निवेशकों का यह इंतजार खत्म होने वाला है। एलआईसी के आईपीओ में प्राइस बैंड क्या होगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार एक या दो दिन में इस आईपीओ के बारे में प्राइस बैंड सहित अन्य जानकारी जारी कर सकती है। इस आईपीओ का आकार 21,000 करोड़ रुपये का रहने का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार एलआईसी के आईपीओ में निवेशक 9 मई तक बोली लगा सकते हैं। एंकर निवेशकों के लिए आईपीओ 2 मई को खुलेगा। बता दें कि सरकार ने सेबी को हाल ही में आईपीओ के लिए संशोधित डीआरएचपी जमा कराया है।
भारत सरकार एलआईसी के इस आईपीओ में अपनी 3.5 फीसद हिस्सेदारी बेचेगी। पहले सरकार 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही थी, लेकिन अब यह तय किया गया है कि एलआईसी की 3.5 फीसदी ही हिस्सेदारी बेची जाएगी। सरकार ने एलआईसी का वैल्युएशन और बेची जाने वाली हिस्सेदारी को इसलिए रिवाइज किया है, क्योंकि पिछले दिनों बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखे गए। निवेशकों की ओर से कम मांग आने की आशंका के चलते बेची जाने वाली हिस्सेदारी को घटाया गया है।
अगर हम एलआईसी के छह लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देखें, तो अनुमानित इश्यू साइज 21,000 करोड़ रुपये होगी। हालांकि, सरकार द्वारा जानकारी जारी करने के बाद ही इस पर स्पष्टता आएगी। एलआईसी भारत की सबसे बड़ी पब्लिक सेक्टर इंश्योरेंस कंपनी है। सरकार के पास इसकी 100 फीसदी हिस्सेदारी है। रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले तक कंपनी की वैल्युएशन 12 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो अभी घटकर आधी हो गई है। ऐसे में अगर 6 लाख करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर भी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की बात करें तो सरकार इससे करीब 21 हजार करोड़ रुपये कमाएगी।