नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण, रिकॉर्ड और टैक्स विभाग में मिलीं खामियां; कर्मचारियों का वेतन रोका
मथुरा । नगर निगम मथुरा-वृंदावन के नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बुधवार सुबह 10 बजे भूतेश्वर स्थित नगर निगम मुख्यालय के रिकॉर्ड एवं टैक्स विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों के निस्तारण, उपकरणों के वितरण और कार्यालय की व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने रिकॉर्ड विभाग के लिपिक को नोटिस जारी कर अक्टूबर माह का वेतन बाधित करने तथा टैक्स विभाग के एक कंप्यूटर ऑपरेटर का भी वेतन रोकने के निर्देश दिए।
रिकॉर्ड विभाग के निरीक्षण में स्टॉक रजिस्टरों का उचित रखरखाव नहीं होने, सामग्री की आपूर्ति एवं वितरण संबंधी अभिलेखों में कमियां मिलने और पत्रावलियों को व्यवस्थित ढंग से नहीं रखने की बात सामने आई। इसके अलावा लैपटॉप एवं अन्य सामग्री का समय पर वितरण नहीं किए जाने पर नगर आयुक्त ने संबंधित लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सभी अभिलेखों और रजिस्टरों को व्यवस्थित रखने, लंबित पत्रावलियों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा विभागीय कार्यों में जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टैक्स रिसीविंग बिल और कार्यालय में उपलब्ध उपकरणों के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया। कमियों को देखते हुए अक्टूबर का वेतन बाधित कर चार नवंबर तक सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इसके बाद नगर आयुक्त ने टैक्स विभाग का निरीक्षण किया। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एवं कर निर्धारण अधिकारी के कक्ष के समीप कंप्यूटर ऑपरेटर के कार्य करने पर उन्होंने उसे दूसरे कक्ष में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। कार्यालय को व्यवस्थित एवं सुंदर बनाने के लिए पीवीसी आदि से नवीनीकरण कराने, प्रत्येक कर्मचारी की टेबल पर कपड़ा बिछाने, नेम प्लेट लगाने और कार्य का विवरण अंकित करने को कहा। साथ ही अलमारियों को एक पंक्ति में व्यवस्थित रखने तथा टेबल-कुर्सियों को उचित ढंग से लगाने के निर्देश दिए। शौचालय में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान नामांतरण से संबंधित एक पत्रावली 15 अक्टूबर को प्राप्त होने के बावजूद निरीक्षण के दिन पोर्टल पर अपलोड किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि कर निर्धारण एवं नामांतरण से संबंधित पत्रावलियों पर सक्षम अधिकारी का अनुमोदन मिलने के 24 घंटे के भीतर उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर अपडेट किया जाए। संबंधित रजिस्टर में भी प्रविष्टि दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने टैक्स विभाग की व्यवस्थाओं को दो नवंबर तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
वहीं, अपने कार्य से संबंधित प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाने वाले एक कंप्यूटर ऑपरेटर का एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और कार्यालय में स्वच्छता, सुव्यवस्था तथा कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।