मांगें पूरी न होने पर 5 अगस्त से थमेगा अतिरिक्त कामकाज: यूपी लेखपाल संघ का बड़ा अल्टीमेटम, तहसील में जमा कराएंगे बस्ते
2,700 लेखपालों के तबादले, 21 माह से अटकी पदोन्नति और भत्तों में बढ़ोतरी को लेकर राजस्व परिषद को भेजा ज्ञापन
मथुरा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर शासन एवं राजस्व परिषद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ (शाखा जनपद मथुरा) के जिलाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल और जिला मंत्री पवन कुमार के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से अध्यक्ष, राजस्व परिषद को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के लेखपाल 5 अगस्त 2026 से अतिरिक्त हल्के (प्रभार) का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और अतिरिक्त बस्ते तहसील/राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा करा देंगे।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अंतर-मंडलीय स्थानांतरण का पोर्टल फिर से खुले। मई 2025 में ऑनलाइन पोर्टल खोलकर 2,669 लेखपालों से आवेदन लिए गए थे, लेकिन 11 महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान में लगभग 2,700 लेखपाल अपने गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं। संघ की मांग है कि ऑनलाइन पोर्टल तुरंत खोलकर तबादले किए जाएं। 29 अप्रैल 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही पूरी होने के बावजूद आज तक प्रमोशन लिस्ट जारी नहीं की गई है। 21 महीनों से डीपीसी न होने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है। नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा 13 सितंबर 2025 को संपन्न हो चुकी है। 11 महीने बीतने के बाद भी परिणाम और प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए हैं, जिससे उनका स्थायीकरण अटका हुआ है।
स्टेशनरी भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹500 प्रतिमाह किया जाए। यात्रा भत्ता नियत यात्रा भत्ते की जगह ₹1,500 प्रतिमाह मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता दिया जाए।
विशेष भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह किया जाए। 1 जून 2017 के परिषदादेश का उल्लंघन करते हुए लेखपालों को भूलेख पटलों से सम्बद्ध रखा गया है, जिससे मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इन्हें अविलंब अवमुक्त करने की मांग की गई है।
ग्राम सचिवालयों में अलग कमरे, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल, सुरक्षा और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। एक लेखपाल के पास 4-5 गांव होने के कारण एक जगह बैठकर काम करने से आय, जाति, निवास व आईजीआरएस जांच जैसे समयबद्ध कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सुविधाएं न मिलने तक लेखपाल रोस्टर का बहिष्कार करेंगे।