वृंदावन की सड़कों पर तड़के 6 बजे उतरे नगर आयुक्त: ओवरचार्जिंग पर सुलभ कर्मी बर्खास्त, बंद शौचालय का 1 साल का हिसाब तलब
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर आउटसोर्सिंग कंपनियों पर गिरा चाबुक; FIR और ठेका रद्द करने की दी खुली चेतावनी
विशेष संवाददाता
मथुरा/वृंदावन। आगामी धार्मिक पर्वों और वृंदावन में रोजाना आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण देने के उद्देश्य से नगर निगम पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शुक्रवार तड़के 6:00 बजे नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने वृंदावन क्षेत्र में अचानक पैदल भ्रमण कर सफाई व्यवस्था, नाला सफाई, डलावघर, अतिक्रमण और सार्वजनिक शौचालयों की जमीनी स्थिति का गहन निरीक्षण किया। नगर आयुक्त की इस अचानक छापेमारी से सफाई से जुड़ी प्राइवेट एजेंसियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त रमनरेती पुलिस चौकी और माहेश्वरी गली स्थित फोगला आश्रम के पास बने सुलभ शौचालयों में पहुंचे। स्थानीय लोगों द्वारा तय शुल्क से अधिक पैसे वसूलने (ओवरचार्जिंग) की शिकायत सही पाए जाने पर नगर आयुक्त का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और संचालन संस्था ‘सुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स शोध संस्थान’ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, ओवरचार्जिंग में लिप्त पाए गए कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया।
”श्रद्धालुओं और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। भ्रष्टाचार या लापरवाही मिली तो सीधे FIR दर्ज कराई जाएगी।”
— ओजस्वी राज, नगर आयुक्त
वार्ड संख्या-69 के रतनछतरी क्षेत्र में एक सार्वजनिक शौचालय बंद पाया गया। स्थानीय निवासियों ने नगर आयुक्त को बताया कि यह शौचालय महीनों से खुलता ही नहीं है। इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने इसे तत्काल शुरू कराने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिया कि इस बंद शौचालय के एवज में पिछले 1 साल में हुए सभी भुगतानों का रिकॉर्ड मंगवाया जाए। यदि कागजों में धांधली या फर्जी भुगतान पाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ रिकवरी जारी करने की कड़ी कार्रवाई होगी।
100 फुटा तिराहा से पापड़ी चौराहा, चैतन्य विहार और रमनरेती मार्ग पर फैली गंदगी पर नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था लायंस प्राइवेट लिमिटेड को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने
मशीनरी बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि सुबह 8:00 बजे से पहले हर हाल में सफाई कार्य पूरा करने का समय तय किया गया है।
निरीक्षण के दौरान ‘किंग ग्रुप’ और ‘मैसूर’ एजेंसियों के सफाई कर्मचारी तय संख्या से कम मिले, वहीं कई बिना आईडी और यूनिफॉर्म के काम करते दिखे। इन कंपनियों के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए गए।
वार्ड संख्या-67 में रामस्वरूप जी के पंडाल के पास बने डलावघर को तुरंत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आसपास के क्षेत्र में बदबू और गंदगी न फैले। फोगला आश्रम के पीछे स्थित एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र से जुड़ी जर्जर सड़क का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू करने के आदेश जारी हुए।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि वृंदावन में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु व विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में सफाई और जनसुविधाएं नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खुद सड़कों पर उतरकर निगरानी करें। भविष्य में यदि कोई कमी मिली तो ठेकेदारों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
इस दौरान उनके साथ अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक, सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई निरीक्षक व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।