मथुरा । नगर निगम में नामित पार्षदों की हाल ही में जारी सूची को लेकर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) में नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। रालोद के महानगर अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापति ने सूची पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में रहने के बावजूद रालोद के किसी भी समर्पित कार्यकर्ता या प्रतिनिधि को स्थान न दिया जाना बेहद खेदजनक और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि गठबंधन केवल चुनावी मजबूरी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें सभी सहयोगी दलों की सम्मानजनक और संतुलित भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। जमीनी स्तर पर सक्रिय रालोद कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी से न केवल उनके मनोबल पर असर पड़ रहा है, बल्कि गठबंधन की भावना और आपसी विश्वास भी कमजोर हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रालोद हमेशा से किसान, व्यापारी और आमजन की आवाज उठाता रहा है, ऐसे में उसे प्रतिनिधित्व से वंचित रखना कहीं न कहीं गठबंधन की मजबूती पर सवाल खड़े करता है। महानगर अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी समेत शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करेगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि रालोद अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज और मुखर करेगा।