ओवरस्पीडिंग पर बड़ी कार्रवाई: एक्सप्रेस-वे पर 79 वाहनों के चालान, ई-रिक्शा के अवैध अड्डों पर होगी सख्ती
मथुरा। प्रदेश में 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम कर इस माह को ‘जीरो फेटेलिटी माह’ (शून्य मृत्यु दर) के रूप में तब्दील करना है। इसी क्रम में मथुरा जनपद में प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा जागरूकता व प्रवर्तन की संयुक्त कार्रवाई तेज कर दी गई है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) राजेश राजपूत के निर्देशन में यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) संदीप चौधरी ने ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों और चालकों के साथ गोष्ठी की। बैठक में चालकों को एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करने और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान दो चालक साथ रखने की हिदायत दी गई। कोहरे में यात्रा से बचने और दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) के महत्व को समझाते हुए घायलों की मदद के लिए प्रेरित किया गया।
सोमवार को एआरटीओ राजेश राजपूत ने एक्सप्रेस-वे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले 79 वाहनों के चालान किए गए। साथ ही, एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस के लिए आए वाहन स्वामियों को एआरटीओ नीतू सिंह और राजेश राजपूत ने पम्पलेट बांटकर सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई और कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के टिप्स दिए।
कलेक्ट्रेट में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना की अध्यक्षता में जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें अवैध ई-रिक्शा पर नकेल कसने के लिए वृन्दावन क्षेत्र में वैष्णों देवी मंदिर के पास अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शा अड्डों पर परिवहन और पुलिस विभाग को कड़ी के निर्देश दिए गए। इस क्षेत्र की सीसीटीवी से निगरानी होगी और पुलिसकर्मियों की रोटेशन ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने’ यीड़ा’ और एन एच ए आई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर मानकों के अनुसार स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं। स्कूली वाहनों की फिटनेस के लिए शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि कैंप लगाकर अनफिट स्कूली वाहनों की फिटनेस जांची जाए। साथ ही, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।