बीएसए कॉलेज में प्रबंध समिति विवाद के बीच हुआ ‘शुद्धि हवन’

मथुरा। बीएसए कॉलेज में पिछले दिनों प्रबंध समिति द्वारा पुलिस बल के साथ महाविद्यालय परिसर में प्रवेश कर बैठक कराने के प्रयास के बाद रविवार को महाविद्यालय परिसर में शांति, पवित्रता एवं सकारात्मक शैक्षिक वातावरण की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से एक वैदिक शुद्धि हवन का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम उपस्थित लोगों ने बाबू शिवनाथ अग्रवाल की प्रतिमा को पंचामृत और गंगाजल से पुनः शुद्ध किया क्योंकि बीते दिन प्रतिमा पर माल्यार्पण ऐसे व्यक्तियों द्वारा किया गया था जिन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के आरोप लंबे समय से चर्चा में हैं।
तत्पश्चात् कॉलेज परिसर स्थित प्रतिमा के समक्ष हवन विधि-विधान से संपन्न हुआ। उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने कहा कि महाविद्यालय शिक्षा का मंदिर है और यहाँ शांति, अनुशासन तथा पवित्रता सर्वोपरि है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष और पूर्व सीडीओ आर.एस. गौतम ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत या विवादित गतिविधि परिसर की गरिमा के अनुरूप नहीं है परिसर की पवित्रता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. यू.के. त्रिपाठी ने कहा कि महाविद्यालय में स्थापित मूल्य अनुशासन और शिक्षा के वातावरण को किसी भी कीमत पर क्षति नहीं पहुँचने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति और मर्यादा बनाए रखने के लिए समाज तथा शिक्षण समुदाय पूरी तरह एकजुट है। साथ ही उन्होंने पुलिस द्वारा ऐसे घोटालेबाजों को दिए गए संरक्षण की घोर निंदा की। इसी क्रम में शिक्षक संघ के वरिष्ठ सदस्य डॉ. बी.के. गोस्वामी, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. रवीश शर्मा और अन्य शिक्षकों ने कहा कि महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और परंपरा की रक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है ।
कार्यक्रम में निर्णय हुआ कि महाविद्यालय के वातावरण को शांत सुरक्षित और सकारात्मक बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेंगे। सभी प्रतिभागियों ने यह भी स्वीकार किया कि परिसर में प्रवेश के दौरान पुलिस द्वारा की गई अनावश्यक सौहार्दहीनता और विवादित व्यक्तियों को समर्थन देने जैसी घटनाएँ भविष्य में रिकवरी प्रक्रियाओं और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित चल रही कार्यवाहियों में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं जिससे बचना आवश्यक है। इस संबंध में शिक्षकों और अभिभावकों ने पुलिस प्रशासन से अपेक्षा की कि वह भविष्य में किसी भी विवादित गतिविधि का हिस्सा न बनकर कानून एवं नियमों के अनुसार निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करे।
हवन के दौरान प्रोफेसरगण डॉ. एस.के. कटारिया, डॉ. जसवंत सिंह, डॉ. सुनीता, डॉ. प्रगति शर्मा, डॉ. चंद्रेश सिंह, डॉ. नीरेंद्र शर्मा, डॉ. तरुण पाठक, डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. संजय चौहान, बी.बी. यादव, अकाउंटेंट गिर्राज यादव, कार्यालय अधीक्षक नीरज कुमार, देवेंद्र तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण गोविंद, अमित शर्मा, रविन्द्र सिंह, राधावल्लभ आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।