दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूचियों में नाम होने पर होगी एक साल की सजा , 19.43 लाख मतदाताओं पर पहुंचे फ़ार्म
मथुरा। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशन में एसआईआर की प्रक्रिया जनपद में तेजी के साथ आगे बढ़ चुकी है। अब तक 19.43 लाख मतदाताओं तक जनपद में एसआईआर फार्म पहुंच चुके हैँ, जो कुल मतदाताओं का 99.80 प्रतिशत है। यह कार्य 4 दिसंबर तक पूरा करना है।
गुरूवार को अपने आवास पर इसकी जानकारी देते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जनपद में फिलहाल मतदाताओं की संख्या 1947368 है। इसमें से 1943442 मतदाताओं को एसआईआर का फार्म घरों पर पहुंचा दिए गए हैँ। इसमें से 154581 ने उक्त फार्म को भरकर भी वापस जमा कर दिया है। जिसकी फीडिंग भी भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित पोर्टल पर भी कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को एसआईआर को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। बीएलओ से प्राप्त फार्म पर सभी को सबसे पहले वर्तमान डाटा के अनुसार जन्म तिथि, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पिता का नाम, पिता का वोटर कार्ड नंबर, मां का नाम तथा वोटर कार्ड नंबर, पत्नी/पति का नाम व वोटर कार्ड संख्या दर्ज करनी है। इसके बाद 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज नाम के अनुसार (अगर है तो) अपना विवरण देना है। अगर 2003 की मतदाता सूची में व्यक्ति का नाम नहीं है तो दाई ओर के बाक्स में अपने माता/पिता का विवरण 2003 की मतदाता सूची के अनुसार दर्ज करना है। जिलाधिकारी ने बताया कि 2003 की मतदाता सूची सभी बीएलओ के पास मौजूद है। इसे भारत निर्वाचन आयोग कि वेबसाईट पर भी देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2003 में मथुरा जनपद में मतदाताओं की संख्या 1248924 थी, अब इसमें 698444 मतदाता बढ़ गए हैँ।
उन्होंने बताया कि मृतक , डिप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाता के नाम हटा दिए जाएंगे। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जो लोग एक से अधिक स्थान पर एसआई आर फ़ार्म दाखिल करते हैँ तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक साल की जेल और अर्थ दंड का भी प्रावधान है। इस दौरान उपजिला निर्वाचन अधिकारी पंकज वर्मा ने बताया कि किसी भी परेशानी को लेकर अपने बीएलओ और कंट्रोल रुम के फोन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते है।
एसआईआर के कार्य में मथुरा तहसील फिसड्डी , छाता नंबर वन पर
एसआईआर के कार्य में अब तक मथुरा विधानसभा क्षेत्र फिसड्डी बना हुआ है। छाता विधानसभा क्षेत्र इस कार्य में अबत क जनपद में अव्वल है। दूसरे पायदान पर मांट विधानसभा और तीसरे पर बलदेव विधान सभा क्षेत्र की प्रगति है। गोवर्धन चौथे नंबर पर है। मथुरा तहसील की स्थिति सबसे जायदा खराब है।
मथुरा में इस कार्य के लिए 484 बीएलओ, छाता मे 396, मांट में 413, गोवर्धन में 390 और बलदेव में 447 बीएल ओ कार्यरत है। इस तरह जनपद भर में 2130 बीएलओ कार्य कर रहे हैँ