मथुरा। जनपद की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी के पिता एवं कृष्ण मोहन विश्वविद्यालय के संस्थापक मोहन सिंह भगतजी पंचतत्व में विलीन हो गए।
गुरूवार वरुथिनी एकादशी को उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पाली डूंगरा पर किया गया। उन्होंने अपने गांव पाली डूंगरा में छोटा सा शिक्षण संस्थान स्थापित किया था जो आज विशाल वृक्ष केएम विश्वविद्यालय के रूप में संचालित है। उन्होंने अपने ग्रहस्थ जीवन में रहकर अपने पांचों पुत्रों को योग्यवान बनाया जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी उनके सबसे प्रिय पुत्र रहे।
भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष के पिता स्व. मोहन सिंह भगतजी के लिए जिले के राजनीतिज्ञ, उद्योग पति, व्यापारी, शिक्षक और खूटट्ल पट्टी सरदारी के अलावा अन्य सरदारी के लोगों ने उनके मंडी चौराहा स्थित आनंदधाम कॉलौनी मथुरा पर पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन करते हुए उनको अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को डोले के रूप में सजाया गया था, हजारों की संख्या में लोगों का सैलाब उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा और सौंख कस्बे के पाली गांव स्थित उनके पैतृक मकान पर हजारों लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र देवी सिंह ने मुखाग्नि दी ।
इस दौरान उनके परिजनों के अलावा पूर्व शिक्षामंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा, राज्यसभा सदस्य चौ तेजवीर सिंह, विधायक विधान परिषद योगेश नौहवार, भाजपा जिलाध्यक्ष हरी शंकर राजू यादव, नगर निगम के महापौर विनोद अग्रवाल, बाबा कढेरा सिंह विद्या मंदिर के चेयरमैन सुरेश सिंह, गोवर्धन नगर पंचायत चैयरमैन प्रतिनिधि मनीष लंबरदार, आरएसएस के विभाग प्रचारक अरुण पाच्चजन्य, कार्यवाह धर्मेन्द्र , डा. टीपी सिंह, ठाकुर सरदार सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, हरिओम विद्यार्थी , डा. संजय सह कार्यवाहक, रामकिशन पाठक अंकुर अग्रवाल प्रमोद बंसल हरिओम शर्मा कुंज बिहारी चतुर्वेदी सहित अन्य चिकित्सक, गणमान्य नागरिकों सहित हजारों की संख्या में कई गांवों के शुभचितंक मौजूद रहे।
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