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लेख/सम सामयिकी

World Environment day : पर्यावरण प्रदूषण मानवता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती

वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण सबसे बड़ी वैश्विक समस्या है। पिछले तीन दशकों से महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण से ही जुड़ी है। मानवीय क्रियाकलापों के कारण प्रकृति में लगातार बढ़ते दखल के कारण पृथ्वी पर…
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प्राकृतिक-अप्राकृतिक उथल-पुथल से डगमग दुनिया

-विकेश कुमार बडोला- भारत और पाकिस्तान के मध्य सैन्य संघर्ष, देश व दुनिया में राजनीतिक-सामरिक उथल-पुथल, देश के अंदर उपस्थित विरोधी शक्तियों की भारतविरोधी गतिविधियां, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में पहली बार छत्तीस से भी अधिक घंटों तक…
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India Pakistan Ceasefire: युद्धविराम का औचित्य

युद्धविराम पर भी सियासत शुरू हो गई है। आप युद्धविराम कहें या संघर्षविराम मान लें, कोई फर्क नहीं पड़ता। सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने पाकिस्तान के साथ टकराव की स्थितियों और घटनाओं को युद्ध से कम नहीं आंका है,…
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कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने जगाई उम्मीद की किरण

पहलगाम में पर्यटकों की नृशंस हत्या करने के बदले में भारत की पाकिस्तान पर स्ट्राइक की सफलता की जानकारी देने वाली भारतीय सुरक्षा बलों की दो महिला सैन्य अधिकारियों ने देश में महिलाओं के विपरीत हालात के बीच महिला सशिक्तकरण का सशक्त उदाहरण…
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ये कैसा ट्रोल, जिसका नहीं है कोई मोल?

(सुनील कुमार महला, फ्रीलांस राइटर, कालमिस्ट व युवा साहित्यकार, उत्तराखंड) जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में (22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में) अपने पति, भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को खोने वाली हिमांशी नरवाल को हाल ही में ट्रोल्स…
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मप्र की सचल कैबिनेट या तुष्टिकरण?

मप्र में शायद सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। यानि अमन है, चैन है। तभी तो मप्र सरकार की कैबिनेट बैठक इस बार भोपाल के बजाय इंदौर में आयोजित की गई है। सरकार रानी अहिल्या बाई के प्रति अपने सम्मान का मुजाहिरा करना चाहती है। रानी की 300वीं जयंती 20…
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जाति जनगणना विभाजन का नहीं, विकास का आधार बने

पहलगाम की क्रूर एवं बर्बर आतंकी घटना के बाद मोदी सरकार लगातार पाकिस्तान को करारा जबाव देने की तैयारी के अति जटिल एवं संवेदनशील दौर में एकाएक जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लेकर न विपक्षी दलों को बल्कि समूचे देश को चौकाया एवं चमत्कृत किया…
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उत्कृष्ट शिक्षा और रोजगार का अद्भुत संगम है जीएलए विश्वविद्यालय

मथुरा। ब्रज भूमि में स्थित शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में प्रतिष्ठित जीएलए संस्थान छात्र-छात्राओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल की प्रेरणा से शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्तरोत्तर प्रगति के पथ…
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पश्चिम बंगाल में कभी भी राष्ट्रपति शासन संभव….?

जब किसी प्रदेश का शासन प्रमुख अर्थात् राज्यपाल ट्रेन से सफर कर राज्य के किसी घटना स्थल पर पहुंचे और एक पुलिस अधिकारी की तरह घटनास्थल पर पीड़ितों के बयान ले और स्वयं उसी जगह यह घोषणा भी करें कि वे राष्ट्रपति जी को शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट…
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“गोबर, गुस्सा और विश्वविद्यालय की गिरती गरिमा”

जिस देश में बच्चों के हाथों में लैपटॉप और प्रयोगशालाएं होनी चाहिए, वहाँ आज गोबर से लीपे क्लासरूम पर प्रयोग हो रहा है। और यह कोई गाँव की छवि नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय जैसी देश की शीर्षस्थ शिक्षण संस्था की हकीकत है-जहाँ गोबर से ठंडक…
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