लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
पिकअप भवन स्थित यूपीडा मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर’ (IMLC) और ‘सीड पार्क’ (Seed Park) परियोजनाओं की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। इस बैठक में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ निर्माण कार्य में जुटे ठेकेदार और एजेंसियां भी मौजूद रहीं।
बैठक के दौरान एसीईओ शशांक चौधरी ने सख्त लहजे में सभी ठेकेदारों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राज्य के औद्योगिक विकास में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री चौधरी ने परियोजना की समयबद्ध प्रगति के लिए सभी हितधारकों (Stakeholders) के बीच बेहतर और प्रभावी तालमेल पर विशेष बल दिया ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के लगातार चलता रहे।
ठेकेदारों को राहत देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की प्रशासनिक सहायता, जमीन से जुड़ी दिक्कत या कानूनी अनुपालन संबंधी कोई समस्या आ रही है, तो वे उसे तुरंत संज्ञान में लाएं। यूपीडा प्रशासन ऐसी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराएगा, लेकिन इसकी आड़ में काम की रफ्तार धीमी नहीं होनी चाहिए।
पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जुटें एजेंसियां
बैठक के अंत में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए कि सभी संबंधित कार्यदायी एजेंसियां पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करें। यूपीडा का लक्ष्य यूपी को देश का सबसे मजबूत लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है, जिसके लिए तय लक्ष्यों को समय से हासिल करना अनिवार्य है।