छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ेगा भारी : मथुरा में अनफिट स्कूली वाहन सड़कों पर दौड़े तो रद्द होगी स्कूल की मान्यता

​मथुरा में 1 जुलाई से खुल रहे स्कूलों को लेकर परिवहन विभाग सख्त; ARTO ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश

29 जून को कलेक्ट्रेट में बुलाई गई स्कूल संचालकों की आपात बैठक, लापरवाही पर सीधे सीज होंगे वाहन

​मथुरा । गर्मियों की छुट्टियों के बाद आगामी 1 जुलाई से जनपद के सभी स्कूल पुनः खुलने जा रहे हैं। इस बार बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग पूरी तरह मुस्तैद और सख्त नजर आ रहा है। वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश राजपूत ने जनपद के समस्त विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और संचालकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एआरटीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि चेकिंग के दौरान कोई भी स्कूली वाहन मानकों के विपरीत पाया गया, तो वाहन पर कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी कर दी जाएगी।

​एआरटीओ (प्रवर्तन) राजेश राजपूत ने बताया कि आगामी 29 जून 2026 को सांय 4:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में ‘विद्यालय यान परिवहन समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में जनपद के सभी स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और संचालकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। बैठक में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।

​स्कूलों के लिए अनिवार्य ‘सुरक्षा कोड’: इन 7 नियमों का करना होगा पालन

कागजात दुरुस्त करें: स्कूल के सभी वाहनों के परमिट, फिटनेस और बीमा जैसे महत्वपूर्ण प्रपत्रों को तत्काल वैध करा लें।

​पोर्टल पर अपडेट:
अपने स्कूल और सभी अनुबंधित/निजी वाहनों का डेटा व्हीकल पोर्टल पर अपडेट रखना अनिवार्य है।
​सुरक्षा उपकरण: स्कूल बसों व वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स और फायर फाइटिंग सिस्टम को चालू हालत में रखें।

सभी वाहन चालकों और परिचालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की जाए और उनका पुलिस चरित्र सत्यापन (कैरेक्टर वेरिफिकेशन) अनिवार्य रूप से कराया जाए।

जो वाहन 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उनका आरटीओ से तत्काल पंजीयन निरस्त (कबाड़ दर्ज) कराया जाए।

सभी बसों में इमरजेंसी गेट चालू स्थिति में होने चाहिए। किसी भी वाहन में तय सीटिंग कैपेसिटी से अधिक छात्र-छात्राओं को कतई न बैठाया जाए। यातायात नियमों का पाठ: स्कूल प्रशासन अपने चालकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति निरंतर जागरूक करे।


​”छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि मार्ग चेकिंग के दौरान कोई भी स्कूली वाहन बिना फिटनेस, बिना परमिट या मानकों के अपूर्ण पाया गया, तो वाहन को सीज करने के साथ-साथ संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।”
— राजेश राजपूत, वरिष्ठ एआरटीओ (प्रवर्तन), मथुरा।