लखनऊ अग्निकांड के बाद एक्शन में प्रशासन: मथुरा-वृन्दावन में दूसरे दिन भी भारी हड़कंप , 19 अवैध होटल और गेस्ट हाउस सील!
मथुरा/वृन्दावन । लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में मथुरा-वृन्दावन में आज लगातार दूसरे दिन भी अवैध और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहे होटलों और गेस्ट हाउसों के खिलाफ जिला प्रशासन का हंटर चला।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आज दिनांक 24 जून, 2026 को मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देशन में सिटी मजिस्ट्रेट, विकास प्राधिकरण के सहायक/अवर अभियन्ता एवं अग्निशमन (फायर) विभाग की संयुक्त टीम द्वारा वृन्दावन क्षेत्र में एक बड़ा जाँच अभियान संचालित किया गया। जाँच के दौरान पाया गया कि वृन्दावन क्षेत्र में स्थित अनेक गेस्ट हाउस, होटल और आश्रम, अग्निशमन सुरक्षा एवं भवन निर्माण के निर्धारित मानकों का पालन किए बिना ही धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे थे।
तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इन अवैध होटलों और गेस्ट हाउसों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए संयुक्त टीम द्वारा मौके पर ही 19 प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील करने की बड़ी कार्रवाई की गई है।
इन 19 होटलों, गेस्ट हाउसों और आश्रमों पर लगा ताला
संयुक्त टीम द्वारा की गई सीलिंग की कार्रवाई के अंतर्गत वृन्दावन क्षेत्र के निम्नलिखित होटलों और गेस्ट हाउसों को बंद कर दिया गया है:
देव लोक धाम (पेइंग गेस्ट हाउस)
श्री कृष्ण कृपा कुटीर (आश्रम)
लक्ष्मी डोरमेट्री (डोरमेट्री)
श्री गौरांग पैलेस (डोरमेट्री/गेस्ट हाउस)
वृन्दावन दरबार (होटल)
होटल बृज वसुन्धरम (होटल)
श्री इन्द्रा आचार्य व श्री बसंत दोगरे (गेस्ट हाउस/रेस्टोरेंट)
श्री सतीश चन्द्र शुक्ला (गेस्ट हाउस)
राधे-राधे धाम (गेस्ट हाउस)
केशवी धाम (गेस्ट हाउस)
श्रीमती पूनम / श्री सुन्दरलाल गोस्वामी (गेस्ट हाउस)
श्री प्रकाश चौधरी (शेड ढाबा)
रिद्धि सिद्धि (गेस्ट हाउस)
श्री हरि पैलेस (गेस्ट हाउस)
वृन्दावन निकुंज (गेस्ट हाउस)
प्रगति मेक ओवर (ब्यूटी पार्लर)
राधा बिहारी निकुंज इन एण्ड रेस्टोरेन्ट (होटल/गेस्ट हाउस)
श्री कृष्ण सेवा आश्रम (गेस्ट हाउस)
यदुवंशी धाम होटल (गेस्ट हाउस)
प्रशासनिक टीम ने सील किए गए सभी भवन स्वामियों और होटल/गेस्ट हाउस संचालकों को बेहद कड़ी चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि सभी संचालक तत्काल प्रभाव से अपनी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का अनुपालन सुनिश्चित करें और नियमानुसार स्वीकृत मानचित्र (नक्शे) के वैध दस्तावेज प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा है कि “यदि किसी भी संचालक ने आदेश का उल्लंघन किया, सील को क्षति पहुँचाई या चोरी-छिपे होटल व गेस्ट हाउस की गतिविधियाँ जारी रखने की कोशिश की, तो संबंधित के विरूद्ध तत्काल वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बिना वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों को पूरा किए किसी भी प्रकार के होटल, गेस्ट हाउस या आश्रम का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।”
प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध और सुरक्षा मानकों के विपरीत चल रहे ऐसे होटलों और गेस्ट हाउसों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस कड़े एक्शन के बाद से इलाके के अन्य अवैध होटल संचालकों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।