मथुरा में ब्लैकमेलिंग से छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला आरोपी दोषी, 7 साल की सजा

मथुरा। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत मथुरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक युवती को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण थाना सुरीर क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2019 में दर्ज मुकदमा संख्या 96/2019, धारा 306 भादवि के तहत अभियोजन चल रहा था। मामले में आरोप था कि अभियुक्त भीकम पुत्र शिवराम निवासी सिकंदरपुर, थाना सुरीर, मथुरा ने वादी की पुत्री को ब्लैकमेल कर फोन पर धमकियां दीं, जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर युवती ने आत्महत्या कर ली।
इस मामले में मथुरा पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी और गुणवत्ता पूर्ण विवेचना की गई। साथ ही लोक अभियोजक के साथ समन्वय कर सशक्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
अभियान के तहत अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा द्वारा लगातार समीक्षा और मार्गदर्शन किया जा रहा था। इसी क्रम में बुधवार को एडीजे/एफटीसी-02, मथुरा न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस कार्रवाई को “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत मथुरा पुलिस की प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुति का परिणाम माना जा रहा है।