मथुरा में कोर्ट ने सुनाई दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा , 2.5 लाख रु. जुर्माना

मां-बेटे की निर्मम हत्या पर चार साल बाद मिला इंसाफ, परिजनों को राहत

मथुरा। चार साल पुराने सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सौंख निवासी पवन कुंतल को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे आजीवन कारावास के साथ ढाई लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस फैसले से वर्ष 2022 में मारे गए मां-बेटे के परिजनों को आखिरकार न्याय मिल गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 19 मार्च 2022 की है। सौंख निवासी सुखबीर ने थाना मगोर्रा में शिकायत दर्ज कराई थी कि भरतपुर के कुम्हेर निवासी पवन कुंतल उनकी मां भारती देवी और भाई भीम सिंह को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गया जिसके बाद दोनों रहस्यमय ढंग से लापता हो गए।
परिजनों द्वारा काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। छह दिन बाद 25 मार्च 2022 को थाना हाईवे क्षेत्र में दो अज्ञात शव बरामद हुए। कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर उनकी पहचान भारती देवी और भीम सिंह के रूप में हुई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पवन ने दोनों को एक मकान में ले जाकर आग लगाकर हत्या की और बाद में साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। शवों की पहचान के बाद 26 मार्च 2022 को थाना मगोर्रा में हत्या व साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम तरकर ने बताया कि गवाहों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर मजबूत पैरवी की गई, जिसके चलते अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
अदालत के आदेशानुसार लगाए गए ₹2.5 लाख जुर्माने में से ₹2 लाख मृतकों के आश्रितों को दिए जाएंगे, जबकि ₹50 हजार राजकीय कोष में जमा होंगे। आरोपी पवन कुंतल गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है। लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले से मृतकों के परिजनों व क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है और इसे न्याय व्यवस्था पर भरोसे को मजबूत करने वाला निर्णय बताया है।