लखनऊ: विधानसभा में निगमों के विकास कार्यों पर मंथन; सभापति राजेश चौधरी ने दिए निर्देश— ‘जनहित ही सर्वोपरि’

​लखनऊ। सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान मंडल के विधानसभा भवन में ‘सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति’ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समिति के सभापति और विधायक राजेश चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, आवास विकास परिषद सहित अन्य प्रमुख निगमों के विकास कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा लिया गया।

​ बैठक में निगमों के अधिकारियों द्वारा पटल पर रखी गई कार्यवाही रिपोर्ट पर गहन चर्चा की गई। सभापति राजेश चौधरी ने विकास कार्यों को अधिक प्रभावी, गतिमान और जनहितकारी बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
​ सभापति श्री चौधरी ने योगी सरकार की पारदर्शी कार्यशैली को आगे बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी परियोजनाएं समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त हों।
​ बैठक में सड़क, परिवहन, आवास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष मंथन हुआ। समिति का लक्ष्य प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ की श्रेणी में अग्रणी बनाना है।
​ सदस्यों ने अपने सुझाव साझा किए ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुँच सके।
​समिति के सभापति राजेश चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और जनहितकारी नीतियों के चलते प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगमों को अपनी कार्यक्षमता और अधिक बढ़ानी होगी ताकि आम जनमानस को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
​बैठक में समिति के सभी माननीय सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रदेश के विकास और निगमों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।