मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को विस्तृत मंथन किया गया। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में करीब 274 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर सहमति जताई गई जिससे ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
परिषद सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने की जबकि उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक का संचालन सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने किया।
बैठक में चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के जाव, करहला और शेरगढ़ पड़ाव स्थलों के विकास, बाउंड्री वॉल और प्रवेश द्वार निर्माण के प्रस्ताव रखे गए। वहीं गोवर्धन के पास यमुनावता गांव में लगभग 45 करोड़ और राधाकुंड क्षेत्र में 65 करोड़ की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र (टीएफसी) बनाने के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे।
इसके अलावा कंस किला के पीछे पुनरुद्धार, मसानी स्थित गुरु नानक देव बगीची के सामने पार्किंग विकास, यमुना पार हंसरानी घाट के जीर्णोद्धार और 36 पौराणिक वनों के संरक्षण व पुनर्स्थापन (लगभग 42 करोड़) की योजना भी शामिल है। जवाहर बाग क्षेत्र में वेटलैंड विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर मंत्री ने आवश्यक निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बलदेव क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। यहां यमुना के सैंतरी और कंजौली घाटों का निर्माण-सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और स्मार्ट रोड परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे से बलदेव के लिए इंटरचेंज बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
बैठक में नंदगांव में रोप-वे निर्माण, गोकुल में 7 किमी परिक्रमा मार्ग सुधार और प्राचीन घाटों के पुनरुद्धार की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। वहीं सौंख टीला को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और गोविंद नगर क्षेत्र में उत्खनन स्थल पर संग्रहालय व अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।
परिषद के अनुसार ब्रज चौरासी कोस अंतर्वेदी परिक्रमा मार्ग के लिए करीब 6000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार के परिवहन विभाग में लंबित है, जबकि बहिर्वेदी परिक्रमा मार्ग का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। आगामी 17 मई से शुरू होने वाली अधिक मास परिक्रमा को देखते हुए पड़ाव स्थलों पर पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य तेजवीर सिंह, एम एल सी ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, सांसद हेमा मालिनी के प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा, नगर आयुक्त जग प्रवेश समेत कई विधायक व अधिकारी मौजूद रहे।
ब्रज क्षेत्र में प्रस्ताये परियोजनाएं न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेंगी।वित