कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सीएम से मिलने से रोका, पुलिस से हुई नोकझोंक

किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन

मथुरा। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
बताया गया कि होली गेट चौराहे पर रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे अब इस आपदा ने उनकी स्थिति और खराब कर दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गंग नहर और अपर केनाल में जलकुंभी व सिल्ट जमा होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित है और विभाग द्वारा केवल खानापूर्ति की जाती है। वहीं कृषि विभाग पर भी पक्षपात के आरोप लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर के नाम पर किसानों और गरीबों के उत्पीड़न, बिजली आपूर्ति में कटौती, तथा अधिकारियों के खराब व्यवहार का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सरकार के 24 घंटे बिजली देने के दावे हकीकत से कोसों दूर हैं।
पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने यमुना प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गंदे नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं, जिससे आस्था को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने इसे तत्काल रोकने की मांग की। इसके अलावा शहर में लगने वाले जाम, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस और अव्यवस्थित यातायात को लेकर भी नाराजगी जताई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
फसलों के नुकसान का सर्वे कर गेहूं किसानों को 1 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा
किसानों के सरकारी ऋण की तत्काल माफी
नहरों व माइनरों की सफाई कर सिंचाई व्यवस्था सुचारु करना
यमुना में गिर रहे गंदे नालों को बंद कराना
स्मार्ट मीटर व बिजली कटौती पर रोक
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर नियंत्रण
शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात व्यवस्था दुरुस्त करना