मथुरा के प्रमुख व्यवसायी मुरारी अग्रवाल (घी वालों) की माताजी का निधन, व्यापारिक जगत में शोक की लहर

मथुरा। धर्मनगरी के प्रतिष्ठित व्यापारी और प्रमुख सामाजिक व्यक्तित्व मुरारी लाल अग्रवाल (घी वालों) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पूजनीय माताजी श्रीमती शीला रानी अग्रवाल (85 वर्ष) का रविवार, 1 मार्च को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही मथुरा के व्यापारिक, सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।

स्वर्गीय शीला रानी अग्रवाल अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वह अत्यंत भजनानंदी और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन प्रभु भक्ति और परिवार के संस्कारों को सींचने में व्यतीत किया। उनके सरल और ममतामयी स्वभाव के कारण मोहल्ले और व्यापारिक हलकों में उन्हें बेहद सम्मान प्राप्त था।

परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अंतिम यात्रा आज 1 मार्च, रविवार को शाम 4:00 बजे उनके निवास स्थान गोविंद गंज, होली गेट से शुरू होगी। अंतिम संस्कार यमुना किनारे स्थित ध्रुव घाट (कृष्णा पुरी के समीप) पर किया जाएगा।

मुरारी अग्रवाल के माताजी के निधन पर शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह अग्रवाल परिवार के साथ-साथ पूरे मथुरा के व्यापारिक समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक व्यक्त करने वालों में मथुरा के कई प्रमुख उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।