‘गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार,अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोपों को बताया निराधार
जगद्गुरु शंकराचार्य चक्रपाणि नंद गिरी महाराज का राधाकुण्ड में भव्य स्वागत; फूलों की होली खेल दिया प्रेम का संदेश
गोवर्धन। जूना अखाड़ा परिषद द्वारा शंकराचार्य पद पर पट्टाभिषेक के बाद जगद्गुरु स्वामी शंकराचार्य चक्रपाणि नंद गिरी महाराज शनिवार को राधाकुण्ड के जुल्हेंदी स्थित ‘चित्रगुप्त पीठ’ पहुंचे। देश की एकमात्र चित्रगुप्त पीठ आगमन पर पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान शंकराचार्य ने न केवल ब्रज की पारंपरिक फूलों की होली खेली, बल्कि सनातन धर्म पर हो रहे प्रहारों और आंतरिक मतभेदों पर तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की।
मीडिया से मुखातिब होते हुए शंकराचार्य चक्रपाणि महाराज ने काशी मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा आरोप कोई भी लगा सकता है लेकिन संत कभी ऐसा कृत्य नहीं करते। उन्होंने कोर्ट के आदेशों के सम्मान की बात करते हुए कहा कि संतों का काम धर्म और मर्यादा की रक्षा करना है। सनातन को जातियों में बांटने की साजिश शंकराचार्य ने देश में गौ और ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
कुछ शक्तियां सनातन को मिटाना चाहती हैं और हिंदुओं को जातियों में बांटने का षड्यंत्र रच रही हैं। गौ माता का कत्ल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार को अविलंब गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करना चाहिए।
कार्यक्रम में शंकराचार्य ने राधा-कृष्ण के स्वरूपों पर पुष्प वर्षा कर होली महोत्सव का शुभारंभ किया और विश्व शांति व प्रेम का संदेश दिया। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि यह भारत की एकमात्र चित्रगुप्त पीठ है जहाँ सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया जाता है। इस अवसर पर संजय कुलश्रेष्ठ, मयंक सक्सेना, संजय हरियाणा समेत सैकड़ों श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।