बाँके बिहारी मंदिर में बुजुर्गों के लिए अलग दर्शन मार्ग की मांग: जन सेवार्थ मंच ने डीएम को लिखा पत्र
भीड़ में बिगड़ती तबीयत बनी चिंता का कारण
हाथरस /मथुरा। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बाँके बिहारी मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच बुजुर्गों की सुरक्षा और सुगमता का मुद्दा गरमा गया है। ‘जन सेवार्थ मंच’ के संयोजक और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सेंगर ने जिलाधिकारी मथुरा को ईमेल के जरिए एक पत्र भेजकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की पृथक व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है।
पत्र में सेंगर ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए बताया कि 22 फरवरी को दर्शन के दौरान उन्होंने दो हृदयविदारक घटनाएं देखीं। दोपहर के समय गेट नंबर 2 की लाइन में भारी भीड़ के कारण महज 15 मिनट के अंतराल पर दो बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सुरक्षाकर्मियों और अन्य भक्तों की मदद से जैसे-तैसे भीड़ से बाहर निकाला गया।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने बुजुर्गों के लिए व्यवस्था को और अधिक ‘भक्त-अनुकूल’ बनाने हेतु कुछ ठोस सुझाव भी दिए हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के भक्तों के लिए अलग कतार की व्यवस्था हो। बुजुर्गों के लिए पहले से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की जाए, जिससे भीड़ का अनुमान रहे। सुझाव दिया गया है कि गेट नंबर 5 से एक समर्पित लाइन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश दिया जाए।
आपातकालीन चिकित्सा: लाइन के आसपास त्वरित चिकित्सा सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय ब्रजवासी और सुरक्षा गार्ड हमेशा श्रद्धालुओं की मदद के लिए तत्पर रहते हैं लेकिन बुनियादी ढांचे में बदलाव से ही भविष्य की अप्रिय घटनाओं को रोका जा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता को पूर्ण विश्वास है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील विषय पर उचित कार्यवाही करेगा ताकि “वृद्धजन सुगमता से अपने आराध्य की छवि को निहार सकें।