मथुरा। कान्हा की नगरी में शुक्रवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया । शानो शौकत के साथ मस्जिद मनोहर पुरा कमेटी द्वारा पैगंबर मोहम्मद के पैदाइश के मौके जुलूस निकाला गया। जगह जगह हलुआ पूरी, आइसक्रीम, फल मिठाइयों को बांटा गया। इसमें अतिथि के तौर पर ज़िले भर के मौलाना मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहर मुफ्ती आसिफ रज़ा इमाम जामा मस्जिद ने कहा कि मुसलमानों के लिए यह जरुरी है कि हम लोग ईस्लाम के कानूनों को मानें। अल्लाह ने कुरान मजीद में सब कुछ लिख दिया है। यदि हम लोग कुरान मजीद को सही रूप से समझें तो हम जरुर कामयाब होंगे। हमारे नबी दुनियां के लिए रहमत बनकर आए थे। वह किसी समुदाय के नहीं बल्कि सभी लोगों के लिए संदेश लेकर आए। उनकी पैदाइश के मौके पर बेंड ओर ढ़ोल बाजो के साथ जुलूस निकालने को शरियत में कहीं से जायज नहीं ठहराया गया है। माैलाना मक़सूद अली ने कहा कि आप जहां रहें अपने ईमान पर रहें। आपस में मतभेद को मिटाकर सच्चे मन से इंसानियत के लिए बेहतरी सोंचे। जिस देश में आप रहते हैं वहां की बेहतरी के लिए सोंचें।
इस मौके पर हाजी मोहम्मद यामीन कमरे वाला परिवार, हाजी सलाम, एडवोकेट हुसैन, इकरार अली, आदि मौजूद थे। वहीं दूसरी और चुनना पहलवान परिवार हाजी सलाम ने दरेसी रोड स्थित जुलूस में मौजूद लोगों को मिठाई बांटी गई हजरत साहब की पैदाइश के दिन की खुशी मनाई गई। माैके पर अफसर मिस्त्री, नन्हे मियां, तुसार, अंगजुआ पहलवान, इकराम कुरैसी, चाँद पहलवांन आदि मौजूद रहे।
सिरसागंज परिवार की जानिब भरतपुर गेट स्थित घास की मंडी पर भंडारा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर स्व. यक़ूनुद्दीन कुरैशी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख व तारिक़ अली एड. को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भंडारे का आयोजन किया गया। लोगों ने तबर्रुक ग्रहण किया और स्व. यक़ूनुद्दीन साहब के समाज के प्रति योगदान को याद किया। इस आयोजन को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश मुस्लिम विकास सोसाइटी की अहम भूमिका रही। संस्था ने कार्यक्रम की समुचित व्यवस्था की और आपसी भाईचारे, इंसानियत और एकता का संदेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि ऑपरेशन सिंदूर की याद में भी श्रद्धा अर्पित की गई। इस दौरान विंग कमांडर व्योमिका सिंह कर्नल सोफिया कुरैशी और भारत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की तस्वीरों और बैनरों को प्रदर्शित किया गया। इनके माध्यम से नारी शक्ति, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया गया। मौके पर उपस्थित लोगों ने पूरे जोश और गर्व के साथ हिंदुस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए, जिससे माहौल देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द से भर गया।
यह आयोजन धार्मिक आस्था, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बनकर उभरा। सिरसागंज परिवार और मुस्लिम विकास सोसाइटी के इस प्रयास की क्षेत्रवासियों ने सराहना की और ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने की अपील की। इसमें प्रमुख रूप से मास्टर बाबू उद्दीन मास्टर शहाबुद्दीन सिराजुद्दीन इकराम अली एनुदीन फैसल कुरेशी फैजान कुरेशी शौकीन कुरेशी जाकिर डिश वाले हीरो भाई इरफान मिस्त्री जीशान कुरेशी व शहर के गणमान्य लोग स्थापित रहें।
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