ब्रेकिंग न्यूज़ : मथुरा में 900 करोड़ रु के सीएसआर फंड के नाम पर गोलमाल को लेकर इनकम टैक्स टीम ने की बड़ी छापामार कार्यवाही
मथुरा। सीएसआर फंड के नाम पर गोलमाल करने वाले तीन चार्टड एकाउंटेंट के आवास और फर्मो पर इनकम टैक्स आगरा की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। इनकम टैक्स टीम की छापा मार कार्रवाई की खबर जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है। मामला 900 करोड़ रु का बताया जाता है।
सूत्रों के अनुसार असर एग्रो छाता में कभी कर्मचारी रहे लालाराम शर्मा ने सीए सर्वेश मित्तल के महोली रोड स्थित मार्किट में एक हिस्सा किराये पर लेकर उक्त पते पर करीब दो दर्जन से अधिक फर्जी फर्म बना ली। हरियाणा के रेवाड़ी जिला स्थित चामड़ियां ग्रुप से लगभग सन 22-23-24 में 300 – 300 करोड रुपए का सीएसआर फंड लिया। 75 प्रतिशत राशि कंपनी को वापस कर दिया गया। इसकी भनक आयकर विभाग को लगी उसने छानबीन की तो पता चला कि फर्जी फर्म बनाकर उनको चंदा दिया और खर्चा दिखा दिया। इस गोरख धंधे में मथुरा के तीन चार्टर्ड अकाउंट टेंट मनीष सिंघल आशुतोष और सर्वेश मित्तल के नाम प्रकाश में आये हैं। इसी मामले में तीनो सीए के ब्यान पूर्व में दिल्ली स्थित आयकर विभाग में दर्ज हो चुके है। सीए मनीष सिंघल और आशुतोष की अपनी फर्म है जिसने
900 करोड़ का सीएसआर फंड लेने वाले जन जाग्रति ट्रस्ट को अलग अलग साल आडिट किया था। इस गोरखधंधे का मास्टर माईंड लालाराम शर्मा है। सीए सर्वेश मित्तल का इस प्रकरण में बताते है कोई रोल नहीं है। लालाराम ने उनकी बिल्डिंग को किराये पर लेकर उक्त स्थान के पते का दुरूपयोग किया है। प्रख्यात सीए संजीव गुप्ता के अनुसार इस गड़बड़ झाला में तीनो सीए का कोई दोष नहीं है। सीए अपने ऑफिस में बैठकर फर्म के बिल बाउचर आदि देखकर ही आडिट की कार्यवाही को अंजाम देते है। उनका इससे कोई लेनादेना इसलिए नहीं होता कि वो डोनेशन का कहा ख़र्च हुआ उसका भौतिक सत्यापन नहीं करते।
इनकम टैक्स की टीम ने राधा वैली और जनरल गंज, महौली रोड क्षेत्र में छापामार कार्रवाई के दौरान तीनो सीए के ब्यान दर्ज किये है। राजस्थान के भीलबाड़ा और हरियाणा के रेवाड़ी जिला इसी मामले में इनकम टैक्स की टीम कार्यवाही कर रही है।