मथुरा में हिंदू मुस्लिम क्या सभी ने मिलकर किया चौकीदार का त्रयोदशी संस्कार

मथुरा। यूँ तो अपने निहित स्वार्थ में अपने भी बेगाने और खून के रिश्ते भी पराये हो जाते है लेकिन समाज में कभी कभी ऐसे भी उदाहरण मिलते हैं जहाँ खून का रिश्ता ना होते हुए भी इंसानियत की मिसाल सामने आती है, कुछ ऐसा ही देखने को मिला रिफाइनरी क्षेत्र में जहाँ परिवार ना होते हुए भी सभी ने मिल कर अपनों का फर्ज निभाया ।
दरअसल औरंगाबाद तिराहा स्थित नगला बाईपास में 20 वर्षों से क्षेत्र की चौकीदारी करते चले आ रहे 65 वर्षीय वृद्ध राजू की अचानक मृत्यु हो गई, क्यूंकि बेपरिवार राजू के लिये क्षेत्र ही परिवार था लिहाजा सभी क्षेत्र वासियों ने मिलकर उसका दाह संस्कार किया और जब बारी आयी त्रयोदशी संस्कार की तो फिर क्या हिंदू क्या मुस्लिम सभी दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने एकता का परिचय देते हुए त्रयोदशी संस्कार में सम्मिलित होते हुए ब्राहमण भोज सम्पन्न कराया और हिन्दू मुस्लिम एकता का अनोखा उदाहरण पेश किया ।
इस नेक कार्य में भूरी प्रधान गौशाला, हरी सिंह, विजय सिंह, अर्जुन, हिम्मत सिंह, अलीम खन, वकील खन, कृपाल सिंह, खेमचंद, जीतू प्लंबर,विजेंद्र वेलडिंग, विनोद ठेकेदार आदि का मुख्य सहयोग रहा ।