श्री काशी विश्वनाथ धाम में पंचम दिवस कृष्णोत्सव में झूमे श्रद्वालु

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संकल्पित नवाचारों के अंतर्गत धाम में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को न्यास के विद्वान अर्चकों के परामर्श के अनुरूप छः दिवसीय पर्व के रूप में मनाया जा रहा है जिसकी चर्चा पूरे देश में व्यापक रूप से हो रही है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के पांचवे दिन श्री लड्डू गोपाल ने मां को लाल रंग एवं सफ़ेद रंग के फूलों से श्रृंगार कर लाल रंग का वस्त्र धारण किए। शक्ति स्वरूपा माँ गौरा के साथ विराजमान हो कर सायं काल से शयन आरती तक निरंतर भक्तगणों को लड्डू गोपाल दर्शन प्रदान कर रहे हैं I नारायण स्त्रोत के पाठ से भगवान श्री लड्डू गोपाल की आराधना प्रारंभ हुई।
उत्सव में भारी संख्या में धाम पधारे श्रद्धालु भाव विभोर हो उत्सव में सम्मिलित हुए माता पार्वती के पास से शोभा यात्रा प्रारंभ हुई। सबसे पहले श्री विश्वेश्वर के उत्तरी द्वार से दर्शन के पश्चात लड्डू गोपाल ने निकुंभ विनायक से भेंट की। फिर नंदीश्वर, व्यासेश्वर महादेव कुबेरेश्वर महादेव से मिलते हुए लड्डू गोपाल ने विश्वनाथ जी से ईशान कोण में स्थित देवी अन्नपूर्णा माता के मंदिर में रुक कर अन्नपूर्णा माता से अक्षत ग्रहण किया। उसके बाद बद्री नारायण जी और त्रिदेवियों मां गंगा यमुना एवम सरस्वती से मिलते हुए लड्डू गोपाल ने सत्यनारायण मंदिर में रुक कर अपनी माला बदली। उसके बाद भौमेश्वर अविमुक्तेश्वर एवं तारकेश्वर महादेव को प्रणाम कर लड्डू गोपाल ने दक्षिणी द्वार से प्रवेश कर विश्वनाथ जी से भेंट की और रुद्राक्ष धारण किया। उसके बाद दंडपाणी जी को नमस्कार कर लड्डू गोपाल ने हनुमान जी से भी भेंट की।
साल भर के लिए पुनः विष्णूरूप में स्थित होने से पूर्व लड्डू गोपाल की सभी देवताओं से भेंट करा कर पुनः समारोह पूर्वक शोभायात्रा की वापसी हुई। माता के साथ लड्डू गोपाल की चित्ताकर्षक छवि के दर्शन हो रहे हैं। शयन आरती तक भगवान लड्डू गोपाल के मां पार्वती के मातृ रूप के साथ दर्शन प्राप्त होंगे। सायंकालीन विशिष्ट अराधना में द्वारकाधीश मंदिर गुजरात के पुजारी हार्दिक महाराज प्रख्यात कलाकार/फोटोग्राफर मनीष खत्री विन्ध्याचल धाम से पधारे माँ विंध्यवासिनी के उपासक अनुपम महाराज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य वेंकट रमन घनपाठी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के डाॅ. वी एन मिश्र आदि श्रद्धालुगण द्वारा इस पावन उत्सव में हर्ष उल्लास के साथ प्रतिभाग किया गया सम्पूर्ण धाम का वातावरण उत्सवमय रहाI श्री काशी विश्वनाथ धाम में पहली बार आयोजित हो रहे लड्डू गोपाल के छः दिवसीय महोत्सव में लोक प्रतिभागिता एवम श्रद्धालुओं का सहज जुड़ाव इतना नैसर्गिक है कि पांचवे दिन तक यह लोक उत्सव में परिवर्तित हो चला है।