मथुरा। नगर निगम मथुरा-वृन्दावन का जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग इन दिनों अवैध वसूली का अड्डा बन गया है। जन्म -मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वालों के लिए निगम प्रशासन द्वारा ग्रह, जल व हाउस आदि टैक्स अदायगी की रसीद दिखाने के लागू किये गये इस नये नियम की आड में संबंधित कर्मचारी (पटल बाबू) लोगों से पॉच सौ से पन्द्रह सौ रूपये तक वसूल रहे है।
इस संबंध में जानकर सूत्रों का कहना है कि नगर आयुक्त की इस विभाग की कार्यप्रणाली पर कोई नजर नहीं है इस कारण कर्मचारी खुली लूट कर योगी सरकार की शान में बट्टा लगा रहे है। हर हाल में अपने राजस्व को बढाने में जुटे नगर निगम प्रशासन द्वारा जन्म -मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग के लिए जारी किया गया नया नियम निगम के इस महत्वपूर्ण विभाग के बाबूओं के भ्रष्टाचार को बढावा देने वाला साबित हो रहा है। नगर निगम के कर्मचारियों को खासकर संविदा पर लगे कर्मचारियों को किसी के दुख दर्द से कोई लेना देना नही है कोई जिये या मरे उन्हें तो अपनी जेबे गर्म करने से मतलब है। लोगों की मानें तो जन्म -मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जब उनके द्वारा आवेदन किया गया तो उनसे सभी प्रकार के टैक्स अदा होने पर ही उक्त प्रमाण पत्र जारी करने की बात कही गयी है।
ऐसे में कुछ लोगों का कहना है कि उनका मकान तो पैतृक है जिसमें उनके कई भाई निवास कर रहे है अब सभी टैक्स वह अकेले कैसे जमा करेें। वहीं कुछ लोगों ने सभी टैक्स अदायगी की रसीद होने पर भी जन्म -मृत्यु विभाग के कर्मचारियों द्वारा पैसे मांगने की बात कही है। उनका कहना है कि कर्मचारी कभी मशीन खराब होने का बहाना कर वापिस कर देते थे तो कभी कुछ और नया बहाना। जब उन्हें पैसे के बिना उक्त प्रमाण पत्र नही मिले तो मजबूरी में कर्मचारियों को उनकी मांग के सापेक्ष पैसे देने पडे।
बताया कि कर्मचारियों द्वारा शुरू में किसी प्रकार के टैक्स अदायगी की रसीद न होने पर 1500 रूपये की मांग की जाती है। जैसे-जैसे आवेदक रसीदें उपलब्ध कराता है पैसे कम होते जाते है अंत में सभी रसीदें होने पर भी 500 रूपये की मांग की जाती है। यदि उक्त मांग पूरी नही की जाती है तो कर्मचारी नये-नये बहाने बना कर कार्यालय के चक्कर लगवाते है।
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