वृंदावन में विकास प्राधिकरण ने चार मंजिला होटल को जेसीबी से किया ध्वस्त, पीडब्ल्यूडी इंजीनियर था होटल का मालिक

मथुरा। वृंदावन में आज मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। पीडब्ल्यूडी में तैनात एक इंजीनियर द्वारा चार मंजिला होटल नुमा भवन बनाया गया था जिसको जेसीबी से ध्वस्त किया गया है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से वृंदावन में अवैध निर्माण करने वालों के होश फाख्ता हो गए हैं। चर्चा में कहा जाता है कि इस होटल को पीडब्ल्यूडी में तैनात एक इंजीनियर के परिजनों द्वारा बिना नक्शा स्वीकृत कारण बना लिया गया था। इसकी शिकायत महंत मधु मंगल दास द्वारा की गई थी । मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में उन्होंने आज आरोप लगाया है कि भारतीय पुरातत्व संरक्षण द्वारा संरक्षित प्राचीन मंदिर श्री मदन मोहन जी के निकट अवैध भवन निर्माण करा रहे लोनिवि के इंजीनियर बृजेश मिश्रा के परिजनों द्वारा खुले आम मुझे गाली,गलौज सड़क पर देख लेने व जान से मारने की धमकी दी गयी है।
विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस नगेंद्र प्रताप का कहना है कि वृंदावन में अवैध निर्माण को लेकर सरकार काफी सख्त है। बिना नक्शा पास कराये किसी भी प्रकार के आवासीय, व्यावसायिक या कॉलोनी का निर्माण कदापि नहीं करने दिया जाएगा यदि कोई बिना नक्शा पास कराये निर्माण करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ध्वस्तीकरण के दौरान जो जेसीबी आदि से खर्च आएगा वह भी उसी से वसूला जाएगा।

वृन्दावन में पुरानी कालीदह परिक्रमा मार्ग श्रीजी वाटिका कॉलोनी में अवधेश मिश्रा द्वारा ‘‘परिक्रमा मार्ग पर मदन मोहन मन्दिर से पहले पार्क के सामने लगभग 300 वर्गमीटर में 16 आर.सी.सी. कॉलम खड़े किये गये तथा स्थल पर मानचित्र स्वीकृति हेतु कोई प्रपत्र नही दिखाये जाने पर प्राधिकरण द्वारा वाद संख्या- 367/2020-21 योजित किया गया। विपक्षी द्वारा स्वीकृति के सम्बन्ध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत न किये जाने पर प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारी द्वारा 10 मार्च 2021 को बिना मानचित्र स्वीकृत कराये निर्माण किये जाने के कारण ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया तथा निर्माणकर्ता को आदेश दिये गये कि उक्त अवैध निर्माण को 15 दिन के अन्दर अपना निर्माण स्वयं हटाले। उसके बाद भी उनके द्वारा होटल का निर्माण जारी रखा गया तो आज ये ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। हालांकि ये कार्यवाही मंगलवार को होनी थी परन्तु पुलिस बल उपलब्ध न होने की वजह से टल गयी थी।