मथुरा। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने श्रीनगर में श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम के वर्तमान शंकराचार्य अनंत श्री अमृतानंद देव तीर्थ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत की अस्मिता, अस्तित्व एवं आदर्श का बोध कराते पौराणिक तीर्थ भारत को भारत की छवि रखने में कितने महत्वपूर्ण हैं यह सर्वविदित है और इन तीर्थों से भारत के आदर्श को लुप्त करने का कोई भी प्रयास सनातन विरोधी है। हम आजादी के बाद पिछले 75 वर्षों में सनातन धर्म के तीर्थ स्थलों की समीक्षा की दृष्टि से यह यात्रा कर रहे हैं। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। तीर्थ स्थानों का अस्तित्व सेना के शौर्य और बलिदान के कारण बना हुआ है। साथ ही पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है कश्मीर भारत के हर कोने और हर व्यक्ति से भावनात्मक एहसास से जुड़ा हुआ है। भारत की संसद के संकल्प के आलोक में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित सरकार से मांग करती है कि हिंदुओं के मानवाधिकार की सीमा में पीओके स्थित सभी पौराणिक तीर्थों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित सदस्यों को पीओके स्थित तीर्थों विशेषतः शारदा पीठम में पूजा अर्चना हेतु आदेश एव परमिट जारी करते हुए शारदा अष्टमी को प्रतिवर्ष पूजा एवं मेले के लिए उचित व्यवस्था की जाए ।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में मंदिरों का संरक्षण एवं प्रबंधन मुख्यतया धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है लेकिन उसमें से अनेक मन्दिरों में गैर हिंदुओं द्वारा पूजन एवं प्रबंधन किया जा रहा है जो सनातन परंपराओं के प्रतिकूल है और उसे नष्ट करने का प्रयास है इसलिए मंदिरों का संचालन अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित के सदस्य बनें और जहां पुजारी नहीं हैं वहां पुजारी नियुक्ति का अधिकार दिया जाये साथ ही मंदिरों के संचालन हेतु आवश्यक धनराशि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाए।
प्रेस वार्ता में नासिक से वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश शुक्ला त्र्यम्बकेश्वर ( महाराष्ट्र) से महामंत्री जयंत शिखरे कन्हैया त्रिपाठी महामंत्री वाराणसी भीमाशंकर से महासभा के मंत्री मधुकर गवांडे उज्जैन से अमर डिब्बे वाला (अध्यक्ष युवा शाखा) के अलावा सोरों से युवा शाखा के उपाध्यक्ष हेमंत त्रियुंगत मथुरा से संजय चतुर्वेदी कमल चतुर्वेदी नीरज अनिल पंपम उपस्थित रहे।
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