मथुरा। यमुना घाटों पर कार्यरत संस्था यमुना मिशन के खिलाफ लोगों में दिन-प्रतिदिन रोष बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को ब्रज धरोहर संरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उन्हें अवगत कराया गया कि यमुना नदी के प्रवाह को परिवर्तित कर डूब क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण एवं निर्माण को रोकने के लिए सिंचाई विभाग, यमुना कार्य योजना नोडल अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे।
बृज धरोहर संरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने डी एम को बताया कि मथुरा पवित्र तीर्थ नगरी हैं जहाँ जिसका वर्णन वेदों एवं पुराणों में भी मिलता हैं मथुरा में 2 किमी. के क्षेत्र में प्राचीन काल से 25 घाट बने हुए है विगत बर्ष से यमुना के खादर क्षेत्र में प्राचीन घाटो को खोद कर उसके आगे शहर का मलवा कूड़े का भराव कर यमुना के प्रवाह को पुराने घाटो से यमुना मिशन संस्था द्वारा दूर किया जा रहा है। बिना अनुमति के खादर में निर्माण कार्य गैर क़ानूनी है।
स्थानीय अधिकारी गण एवं प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है इतना ही नही यमुना के खादर क्षेत्र में फसली पट्टाधारियों ने भूमि को अवैध ढंग से बेच कर मकानों एवं नए घाटो का निर्णाण तक करा लिया है ये सब विभागों की मौन स्वीकृति से किया जा रहा है। अतिक्रमणकारियो का यह क्रम निरन्तर जारी है जिसके दूरगामी घातक परिणाम संभावित हैं। मथुरा के चक्रतीर्थ घाट, कृष्णगंगा घाट सूर्य घाट ध्रुव घाट गौ घाट मार्कण्डिका घाट आदि की पुरानी सीढियो घाटो को दबा कर पुरातत्तव का बिनाश कर दिया है। सभी घाटो को मलवा में दबा कर भू-माफियों ने कब्जा कर लिया है। ज्ञापन देने के दौरान लोकतंत्र सेनानी विजय बहादुर सिंह योगेश आवा विश्वधर्म रक्षक दल के विजय चतुर्वेदी डॉ संजय अग्रवाल डॉ राकेश चतुर्वेदी विजय अग्रवाल बंटा नरेश शर्मा एवं अनिल चतुर्वेदी धनेश दत्त चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे ।
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