मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर चढ़ावे की अब होगी मशीन से जांच, दान की रसीद के साथ मिलेगी शुद्धता की रिपोर्ट
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की पहल, अत्याधुनिक मेटल टेस्टिंग मशीन से पता चलेगी सोने-चांदी की वास्तविक मात्रा और शुद्धता
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ठाकुर जी को अर्पित किए जाने वाले सोने-चांदी और अन्य धातुओं के चढ़ावे में पारदर्शिता लाने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने नई पहल की है। मंदिर परिसर में अत्याधुनिक मेटल टेस्टिंग मशीन स्थापित की गई है। अब श्रद्धालुओं की ओर से दान में दी जाने वाली धातुओं की शुद्धता और उनमें मौजूद विभिन्न धातुओं का प्रतिशत मशीन के माध्यम से जांचा जाएगा। खास बात यह है कि दानदाताओं को रसीद के साथ जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार इस व्यवस्था के तहत ठाकुर जी को अर्पित की जाने वाली सोने-चांदी और अन्य धातुओं से निर्मित सामग्री की रसीद जारी करने से पहले मशीन से जांच होगी। इसके जरिए सामग्री में संबंधित धातु की वास्तविक मात्रा और शुद्धता का पता लगाया जाएगा। मशीन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर ही दान की रसीद तैयार की जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि उनके द्वारा अर्पित की गई सामग्री में कितने प्रतिशत सोना चांदी या अन्य धातु मौजूद है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की इस पहल को मंदिर की दान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभी तक धातुओं के चढ़ावे की शुद्धता को लेकर श्रद्धालुओं के मन में कई बार सवाल उठते थे। नई व्यवस्था से इन आशंकाओं को दूर करने में मदद मिलेगी और दानदाताओं को अपनी भेंट की गुणवत्ता की प्रमाणिक जानकारी मिल सकेगी। इस तकनीक से मंदिर में प्राप्त होने वाली प्रत्येक धातु का प्रामाणिक रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। साथ ही सोने-चांदी समेत अन्य धातुओं के वर्गीकरण हिसाब-किताब और सुरक्षित रखरखाव में भी सुविधा होगी। संस्थान की इस पहल से मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच विश्वास और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।