मथुरा । आगरा मंडल में पहली बार मथुरा जंक्शन–आगरा कैंट रेलखंड के 53.790 रूट किलोमीटर क्षेत्र में भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘मानक कवच’ का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है। यह उपलब्धि रेल संरक्षा को मजबूत करने तथा आधुनिक तकनीक आधारित रेल परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह एवं मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। ‘मानक कवच’ की स्थापना को आगरा मंडल में आधुनिक रेल अवसंरचना और उन्नत संरक्षा तकनीक के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया गया है।
मथुरा–आगरा कैंट खंड में स्थापित यह प्रणाली ट्रेन परिचालन के दौरान संभावित खतरों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें आमने-सामने तथा पीछे से होने वाली टक्कर से सुरक्षा, रोल-अवे सुरक्षा, स्टैंडस्टिल सुरक्षा तथा आपात स्थिति में मैनुअल एसओएस जनरेशन जैसी उन्नत सुविधाएं शामिल हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत मथुरा–आगरा कैंट खंड में कुल 766 RFID टैग स्थापित किए गए हैं। प्रणाली के सुरक्षित एवं प्रभावी संचालन के लिए कमीशनिंग से पूर्व लोको पायलटों, रनिंग स्टाफ तथा सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
इस नई उपलब्धि के साथ उत्तर मध्य रेलवे में कमीशन किए गए मानक कवच नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 122.20 रूट किलोमीटर हो गई है।
‘मानक कवच’ भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य रेल दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करते हुए ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। आगरा मंडल द्वारा आधुनिक तकनीक और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों को अपनाते हुए यात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मथुरा–आगरा खंड में इस प्रणाली का सफल कमीशनिंग इसी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।