मथुरा कैंट में जासूसी की साजिश नाकाम: मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस का बड़ा एक्शन
फर्जी फौजी व जाली डॉक्यूमेंट बनाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार
मथुरा । सेना के अति संवेदनशील छावनी (कैंट) क्षेत्र में फर्जी पहचान पत्र के जरिए घुसकर जासूसी करने की एक गंभीर साजिश को मिलिट्री इंटेलिजेंस और थाना सदर बाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने सैन्य क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे एक संदिग्ध को रंगे हाथ दबोचा हैं जबकि फर्जी आईडी कार्ड तैयार करने वाले उसके मुख्य साथी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर सदर बाजार पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस मथुरा ने संयुक्त कार्यवाही में टैंक चौराहा पर संदिग्ध अवस्था में घूम रहे राजाराम (निवासी खरोट, थाना कोसीकलां, मथुरा) को फर्जी आर्मी पहचान पत्र के साथ पकड़ा। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच करने पर सेना की वर्दी में हथियारों के साथ ली गई तस्वीरें और सैन्य क्षेत्र की गोपनीय गतिविधियां संकलित करने से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।
गिरफ्तार राजाराम से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाली पहचान पत्र तैयार करने वाले शातिर आकाश कुमार (निवासी पिसावां, अलीगढ़ / हाल निवासी शिव नगर, बुलंदशहर) को कृष्णापुरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इनके पास से 01 लैपटॉप और 02 मोबाइल फोन के अलावा 12 आधार कार्ड, 12 डेबिट कार्ड, 07 मार्कशीट, 06 जाति प्रमाण पत्र, 06 निवास प्रमाण पत्र, 02 पैन कार्ड, 01 वोटर कार्ड तथा 01 ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है।
अभियुक्त राजाराम के पास से बैंक पासबुक, पैन कार्ड व सैमसंग 5G मोबाइल जब्त किया गया है।
इस कड़ी कार्रवाई को सदर बाजार थाना के प्रभारी निरीक्षक त्रिपुरेश कौशिक, उप-निरीक्षक दिनेश चंद शर्मा और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम द्वारा अंजाम दिए गए इस ऑपरेशन के बाद आरोपियों के विरुद्ध मु0अ0सं0 266/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS एवं 3/7 शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है।