नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्मॉल एण्ड मीडियम न्यूज पेपर्स फेडरेशन ने अखबारी कागज की खरीद बिक्री से जी एस टी कर हटाए जाने की मांग की है।
फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव अशोक नवरत्न ने इस संबंध में भारतीय प्रेस परिषद की चैयरमेन न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई को पत्र प्रेषित किया है।
पत्र के अनुसार भारतीय प्रेस परिषद की 29 मई 2019 को हुई बैठक में स्मॉल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स को अखबारी कागज की खरीद में जी. एस. टी. से कर मुक्त करने के लिए सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था। तदनुसार भारतीय प्रेस परिषद द्वारा जी. एस. टी. काउंसिल को अनेकों पत्र लिखकर परिषद के निर्णय से अवगत कराया गया है । यह दुखद है कि वर्ष 2019 से आज तक जी. एस. टी. काउंसिल ने परिषद के निर्णय का अनुपालन नहीं किया गया है । इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जी. एस. टी. काउंसिल भारतीय प्रेस परिषद को महत्व न देकर हठधर्मी कर रही है ।
उल्लेखनीय है कि श्री नवरत्न भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रेस परिषद के गठन का उद्देश्य समाचार पत्रों व पत्रकारों के हित संवर्धन के लिए है । भारतीय प्रेस परिषद को अपने निर्णय को लागू कराने के लिए न्यायिक एवं संवैधानिक शक्तियां भी प्राप्त हैं । नियमानुसार जी. एस. टी. परिषद को भारतीय प्रेस परिषद के पत्रों को जीएसटी परिषद की बैठक में निर्णय के लिए रखना चाहिए था । अब तक इस मामले में कार्यवाही नहीं होना बहुत दुखद है।
अपने पत्र में श्री नवरत्न ने चैयरमेन से अनुरोध किया है कि इस विषय में संज्ञान लेकर कड़ी कार्यवाही का निर्देश दिए जाएं ताकि स्मॉल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स के हितों का संरक्षण हो सकें ।
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