मथुरा। शहर के भूतेश्वर चौराहा स्थित अखाड़े में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जिला पंचायत सदस्य ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर कथित रूप से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना से अखाड़े में अभ्यास कर रहे पहलवानों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा उसके कब्जे से लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के भूतेश्वर अखाड़े में शुक्रवार रात करीब नौ बजे कई पहलवान अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान शेरगढ़ क्षेत्र के ग्राम सेही निवासी जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो से वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि अखाड़े में पहुंचते ही उसने लाइसेंसी और अवैध हथियारों से कई राउंड फायरिंग की, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
बताया गया है कि घटना से पहले आरोपी और पहलवान करन के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि करन के साथ मारपीट के दौरान फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज सुनकर अखाड़े में मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी कार छोड़कर हथियार लेकर भागने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भागने के दौरान एक दरोगा और आरोपी के बीच काफी देर तक छीना-झपटी और धक्का-मुक्की हुई। पुलिसकर्मी आरोपी से रिवॉल्वर छीनने का प्रयास करता रहा, जबकि आरोपी विरोध करता रहा। बाद में पुलिस ने करीब एक किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद किए हैं। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह एक युवती को लेकर पुरानी रंजिश सामने आई है। बताया जाता है कि युवती के भाई और पहलवान करन के बीच हुई बातचीत के बाद आरोपी नाराज था। इसी बात को लेकर पहले फोन पर धमकी दी गई और बाद में अखाड़े पहुंचकर विवाद हुआ।
प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। फायरिंग में प्रयुक्त लाइसेंसी हथियार का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की जाएगी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया है, जिस पर “हाईकोर्ट” लिखा हुआ था।
घटना के बाद अखाड़े के पहलवानों और स्थानीय लोगों में रोष है। गनीमत रही कि फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।