दिशा इंस्टीट्यूट में निःशुल्क सिलाई एवं फैशन डिज़ाइनिंग कार्यशाला शुरू, 80 बालिकाएं ले रहीं प्रशिक्षण
मथुरा। महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिशा इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन एंड टेक्नोलॉजी (डीआईएफटी) में एक सप्ताहीय निःशुल्क सिलाई एवं फैशन डिज़ाइनिंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में लगभग 80 बालिकाओं ने पंजीकरण कर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर संस्थान की निदेशक शिखा बंसल ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी बालिकाओं को निःशुल्क सिलाई एवं फैशन डिज़ाइनिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई की मूलभूत तकनीकों के साथ परिधान निर्माण की विभिन्न बारीकियों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला के अंतिम चरण में बालिकाओं से वेस्ट फैब्रिक (अनुपयोगी कपड़ों) का उपयोग कर आकर्षक एवं रचनात्मक परिधान तैयार कराए जाएंगे। इन परिधानों का प्रदर्शन समापन समारोह में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों में रचनात्मकता, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
संस्थान की एचओडी अंकिता शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के दौरान दिशा इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे और परिधान निर्माण में सहयोग प्रदान करेंगे। इसके अलावा संस्कृति विश्वविद्यालय में फैशन डिज़ाइनिंग का अध्ययन कर रहे नौ विद्यार्थी भी इस इंटर्नशिप कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना, नेतृत्व क्षमता विकसित करना और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि जब कोई विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद दूसरों को सिखाता है, तो उसकी दक्षता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।
अंकिता शर्मा ने कहा कि दिशा इंस्टीट्यूट का लक्ष्य केवल सिलाई और फैशन डिज़ाइनिंग का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे भविष्य में अपने कौशल के आधार पर रोजगार प्राप्त कर सकें या स्वरोजगार शुरू कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी बालिकाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने इस पहल को सीखने और अपने हुनर को निखारने का बेहतर अवसर बताया। संस्थान प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक, प्रशिक्षक, इंटर्नशिप में भाग लेने वाले विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।